
गर्भवती महिलाओं का एक भी पंजीकरण नहीं कराने पर डीपीओ सख्त, एक कार्य दिवस में मांगा जवाब
एटा। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही सामने आने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) एटा ने बड़ी कार्रवाई की है। जनपद की 83 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनके मानदेय पर रोक लगाने की संस्तुति की गई है। इनमें विकास खंड अलीगंज की 11 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां भी शामिल हैं। सभी को एक कार्य दिवस के भीतर स्पष्टीकरण एवं संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीपीओ संजय कुमार सिंह द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि बाल विकास परियोजना अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत कम से कम एक पात्र गर्भवती महिला का पंजीकरण कराने का लक्ष्य दिया गया था। इसके बावजूद संबंधित कार्यकत्रियों ने एक भी लाभार्थी का पंजीकरण नहीं कराया, जिसे गंभीर लापरवाही माना गया है।
नोटिस में उल्लेख किया गया है कि संबंधित केंद्रों पर नियमित रूप से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का सर्वे, पोषण ट्रैकर पर विवरण दर्ज करने तथा अनुपूरक पोषाहार वितरण का कार्य किया जाता है। ऐसे में योजना में एक भी पंजीकरण न होना शासन की मंशा के विपरीत कार्य तथा विभागीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही का स्पष्ट संकेत है।
डीपीओ ने सभी संबंधित कार्यकत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे एक कार्य दिवस के भीतर हॉट कुक्ड भोजन, पोषाहार वितरण, स्टॉक पंजिका, सर्वे पंजिका सहित सभी अभिलेखों के साथ अपना स्पष्ट स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो मानदेय आधारित सेवा समाप्त करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
अलीगंज विकास खंड की इन 11 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को जारी हुआ नोटिस
कमलेश – उपकेंद्र टिकुरियान
मिथिला – मोहल्ला सुदर्शन दास
रीता देवी – असादपुर केंद्र
नीलम – नगला नौगजा केंद्र
पुष्पा देवी – नावर केंद्र
शान्तुमा – पहरईया उपकेंद्र
संतोष कुमारी – सदेरा उपकेंद्र
सरिता देवी – नावर उपकेंद्र
किरण देवी – नगला झम्मन उपकेंद्र
अर्चना – गलारपुर उपकेंद्र
गीता देवी – फतेहपुर उपकेंद्र
डीपीओ ने क्या कहा?
जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि शासन की महत्वपूर्ण प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 83 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा लापरवाही बरती गई है। इस कारण उनके मानदेय पर रोक लगाने की कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित कार्य पूर्ण नहीं होगा और योजना के लक्ष्य पूरे नहीं किए जाएंगे, तब तक मानदेय जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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