एटा। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया के पावन अवसर पर कस्बा राजा का रामपुर रविवार को पूरी तरह भक्ति और आस्था के रंग में रंग गया। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान श्रीजगन्नाथ की रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले। नगर भ्रमण अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ निकाला गया। पूरे कस्बे में जय जगन्नाथ और दाऊजी महाराज की जय के जयघोष गूंजते रहे। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। दोपहर करीब तीन बजे दाऊजी मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीजगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा एवं दाऊजी महाराज का विशेष श्रृंगार और पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद महाआरती के साथ सुसज्जित रथ एवं शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। रंग-बिरंगे फूलों, ध्वज-पताकाओं और आकर्षक सजावट से सजे रथ पर विराजमान भगवान के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भव्य शोभायात्रा दाऊजी मंदिर से प्रारंभ होकर बुद्ध विहार, डाकघर, सदर बाजार, मड़िया चौराहा और बड़ी देवी मंदिर होते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से निकली। प्रत्येक मोहल्ले और चौराहे पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया। महिलाओं ने मंगल गीत गाते हुए आरती उतारी, जबकि व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने अपने प्रतिष्ठानों के बाहर पूजा-अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। शोभायात्रा में शामिल भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुत मधुर भजनों और ढोल-नगाड़ों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। युवा और बच्चे भगवान के भजनों पर नृत्य करते हुए चल रहे थे। श्रद्धालु पूरे मार्ग में जय जगन्नाथ, हरि बोल और दाऊजी महाराज की जय के उद्घोष लगाते रहे, जिससे पूरा कस्बा धर्ममय वातावरण में सराबोर हो गया। इस अवसर पर भगवान दाऊजी महाराज का नगर भ्रमण भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। श्रद्धालुओं ने घरों की चौखट पर दीप, फूल और आरती की थाल सजाकर भगवान का स्वागत किया। नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए मार्ग के दोनों ओर घंटों पहले से खड़े दिखाई दिए। लोगों का मानना है कि भगवान के नगर भ्रमण से पूरे नगर में सुख, शांति, समृद्धि और मंगल का वास होता है। रथयात्रा में केवल राजा का रामपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों और अन्य जनपदों से भी हजारों श्रद्धालु पहुंचे। बाहर से आए श्रद्धालुओं के लिए नगर के विभिन्न स्थानों पर विशाल भंडारों का आयोजन किया गया। भक्तों को बूंदी, चना, हलुआ, बेड़ई, कचौड़ी, पूड़ी तथा पारंपरिक अरवी (घुइयां) की सब्जी का महाप्रसाद वितरित किया गया। पूरे दिन श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धार्मिक आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। रथयात्रा के दौरान भगवान के रथ को खींचने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने तथा दाऊजी महाराज की सेवा करने से समस्त कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सी पकड़कर स्वयं को धन्य महसूस किया। धार्मिक आयोजन को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। यात्रा मार्ग पर दो निरीक्षक, आठ उपनिरीक्षक, 51 पुलिसकर्मी तथा महिला पुलिसकर्मी तैनात रहे। स्थानीय थाना पुलिस के साथ पूरे सर्किल का पुलिस बल लगातार भ्रमण करता रहा। भीड़ में सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। पुलिस की सतर्कता और प्रशासन की प्रभावी व्यवस्था के चलते पूरा आयोजन शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भक्ति, श्रद्धा, अनुशासन और सामाजिक समरसता का यह अनुपम संगम एक बार फिर राजा का रामपुर की धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का साक्षी बना। देर शाम भगवान के दाऊजी मंदिर वापस पहुंचने पर महाआरती के साथ धार्मिक आयोजन का समापन हुआ।
इस मौके पर विधायक पुत्र जीतू राठौर सूरज राठौर, उप जिलाधिकारी जगमोहन गुप्ता, क्षेत्राधिकार राजेश कुमार सिंह ने रथ खींचकर दाऊजी महाराज के दर्शनों का लाभ लिया।