
एटा। भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में मतदेय स्थलों के रेशनलाइजेशन (संभाजन) को लेकर मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदेय स्थलों के रेशनलाइजेशन की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाएगी। इसका उद्देश्य मतदाताओं को अधिक सुविधाजनक, सुगम एवं पारदर्शी मतदान व्यवस्था उपलब्ध कराना है, ताकि प्रत्येक पात्र मतदाता बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मतदेय स्थलों के संबंध में अपने सुझाव एवं आपत्तियां समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्राप्त सुझावों का परीक्षण निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से किया जाएगा। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जहां आवश्यकता होगी, वहां मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मतदेय स्थलों का पुनर्गठन किया जाएगा। विशेष रूप से उन केंद्रों पर ध्यान दिया जाएगा जहां मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक है, मतदान केंद्र की दूरी 2 किलोमीटर से अधिक है अथवा मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण पुनर्संतुलन आवश्यक है। बैठक में विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं मतदाता हितैषी बनाने के लिए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) लालता प्रसाद शाक्य, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रमेश मौर्य, समस्त उप जिलाधिकारी, निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अंत में जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करते हुए रेशनलाइजेशन की प्रक्रिया निर्धारित समयावधि में पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए।


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