डीसी मनरेगा को सौंपा ज्ञापन, पदनाम बदलकर ‘एमआईएस इंचार्ज’ करने समेत कई मांगें रखीं

एटा। ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत VB-GRAMG में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डीसी मनरेगा एटा प्रभुदयाल को ज्ञापन सौंपा। नारायण तिवारी सहित अन्य कंप्यूटर ऑपरेटरों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित मांग-पत्र सौंपते हुए लंबे समय से विभागीय कार्य कर रहे कर्मचारियों के अनुभव, कार्यदायित्व और विभागीय उपयोगिता के अनुरूप मानदेय, पदनाम एवं सेवा शर्तों के पुनर्निर्धारण की मांग की।

कंप्यूटर ऑपरेटरों ने बताया कि VB-GRAMG के तहत कार्यरत कर्मचारी करीब दो दशक से लगातार ग्राम्य विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के ऑनलाइन संचालन, डाटा प्रबंधन, एमआईएस, विभिन्न पोर्टलों के संचालन, डाटा सत्यापन, प्रगति की ऑनलाइन रिपोर्टिंग तथा विभागीय सूचनाओं के संधारण जैसे महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उनका कहना है कि ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुश्रवण और डिजिटल डाटा व्यवस्था में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

अनुभव के आधार पर मानदेय निर्धारित करने की मांग

ज्ञापन में लंबे समय से कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों के अनुभव और शैक्षिक योग्यता के आधार पर मानदेय का पुनर्निर्धारण किए जाने की मांग की गई। ऑपरेटरों का कहना है कि वर्षों की सेवा और बढ़ते कार्यदायित्व को देखते हुए वर्तमान मानदेय में आवश्यक सुधार किया जाना चाहिए।

उन्होंने दीर्घकालीन एवं निरंतर सेवा के अनुभव को ध्यान में रखते हुए मानदेय निर्धारित करने की मांग रखी है, ताकि लंबे समय से विभागीय कार्य कर रहे कर्मचारियों को उनके अनुभव का उचित लाभ मिल सके।

‘कंप्यूटर ऑपरेटर’ के स्थान पर ‘एमआईएस इंचार्ज’ पदनाम की मांग

ज्ञापन में वर्तमान ‘कंप्यूटर ऑपरेटर (VB-GRAMG)’ पदनाम को कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे वास्तविक कार्य एवं जिम्मेदारियों के अनुरूप बदलकर ‘MIS इंचार्ज’ किए जाने पर विचार करने की मांग की गई है।

ऑपरेटरों ने कहा कि उनका कार्य केवल कंप्यूटर चलाने अथवा डाटा एंट्री तक सीमित नहीं है। वे विभिन्न विभागीय योजनाओं से संबंधित डाटा का संधारण, ऑनलाइन पोर्टल संचालन, एमआईएस रिपोर्ट तैयार करने, डाटा सत्यापन, प्रगति रिपोर्टिंग और विभागीय सूचना प्रबंधन जैसे कार्य भी कर रहे हैं।

HR पॉलिसी लागू करने की मांग

कंप्यूटर ऑपरेटरों ने VB-GRAMG कर्मचारियों के लिए स्पष्ट, पारदर्शी और एकरूप HR पॉलिसी लागू करने की मांग की है। इसमें समय-समय पर मानदेय का पुनरीक्षण, दीर्घ सेवा एवं अनुभव का लाभ, सेवा की निरंतरता, अवकाश संबंधी प्रावधान, कार्य एवं उत्तरदायित्व का स्पष्ट निर्धारण तथा अन्य आवश्यक सेवा सुविधाएं शामिल करने का अनुरोध किया गया है।

OTP आधारित हो डाटा एंट्री और लॉगिन व्यवस्था

ज्ञापन में विकासखंड, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर VB-GRAMG से संबंधित महत्वपूर्ण डाटा एंट्री एवं लॉगिन व्यवस्था को व्यक्ति-विशिष्ट और OTP आधारित किए जाने की मांग भी रखी गई है। साथ ही प्रत्येक लॉगिन और कार्रवाई की उचित ऑडिट ट्रेल रखने का सुझाव दिया गया है, जिससे अनधिकृत लॉगिन की संभावना कम हो और आवश्यकता पड़ने पर वास्तविक उपयोगकर्ता की पहचान सुनिश्चित की जा सके।

रिक्त पदों पर पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती की मांग

ऑपरेटरों ने प्रदेश के सभी जनपदों एवं विकासखंडों में VB-GRAMG के स्वीकृत एवं आवश्यक पदों के सापेक्ष पर्याप्त कर्मचारियों की भर्ती/तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे विभागीय कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे होंगे और वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों पर पड़ने वाले अतिरिक्त कार्यभार को कम किया जा सकेगा।

नियमित भर्ती में अनुभव का लाभ देने की मांग

ज्ञापन में भविष्य में ग्राम्य विकास विभाग में कंप्यूटर एवं एमआईएस से संबंधित स्थायी या नियमित पदों पर भर्ती होने की स्थिति में VB-GRAMG में कार्यरत पात्र कर्मचारियों को उनकी दीर्घकालीन सेवा एवं अनुभव का लाभ देने की मांग भी की गई है।

इसके लिए अनुभव के आधार पर अतिरिक्त अंक/वेटेज, निर्धारित आयु सीमा में नियमानुसार छूट तथा पात्र एवं अनुभवी VB-GRAMG कर्मचारियों के लिए पदों पर आरक्षण/कोटा निर्धारित करने के संबंध में आवश्यक नियम या शासनादेश बनाए जाने पर विचार करने का अनुरोध किया गया।

कंप्यूटर ऑपरेटरों ने कहा कि उन्होंने लंबे समय से विभागीय योजनाओं और डिजिटल व्यवस्था को संचालित करने में निरंतर योगदान दिया है। ऐसे में उनकी दीर्घ सेवा, अर्जित अनुभव, वर्तमान कार्यदायित्व और विभागीय उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाना चाहिए।

नारायण तिवारी सहित कंप्यूटर ऑपरेटरों ने डीसी मनरेगा प्रभुदयाल को ज्ञापन सौंपकर मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने और आवश्यक कार्रवाई कराने का अनुरोध किया।