दशहरे की शाम शराब पिलाकर धुमरी पुल के पास ले गए थे आरोपी, सिर पर वार कर हत्या के बाद बोरे में बंद कर काली नदी में फेंका था शव; पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर बाइक, टायर लीवर और खून से सने कपड़े किए बरामद

Etah। थाना अलीगंज क्षेत्र के ग्राम गलारपुर निवासी विमलेश की अपहरण के बाद हत्या किए जाने की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, उधार दिए गए रुपये वापस नहीं मिलने से नाराज होकर मुख्य आरोपी ने अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। दोनों ने दशहरे की शाम विमलेश को शराब पिलाई और बहाने से धुमरी स्थित काली नदी पुल के पास ले गए। वहां टायर लीवर से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को बोरे में लपेटकर काली नदी में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतक का शव, मोटरसाइकिल, हत्या में प्रयुक्त टायर लीवर और मुख्य आरोपी के खून से सने कपड़े बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, गलारपुर निवासी संतराम का करीब 35 वर्षीय पुत्र विमलेश 20 अक्टूबर 2026 को लापता हो गया था। उसकी पत्नी ने 22 अक्टूबर को थाना अलीगंज में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजनों ने विमलेश के अपहरण कर हत्या किए जाने की आशंका जताई थी। इसके बाद पुलिस ने 28 अक्टूबर को रोहित पुत्र शिवराम निवासी गलारपुर और अजीत पुत्र अजय सिंह निवासी नरेरा, थाना कोतवाली देहात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।

तीन-चार दिन की मशक्कत के बाद काली नदी से मिला शव

पुलिस गुमशुदा विमलेश की तलाश और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही थी। इसी दौरान गोपनीय सूचना और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि विमलेश की हत्या कर शव धुमरी पुल से काली नदी में फेंका गया है। इसके बाद विवेचक और थाना पुलिस ने पीएसी फ्लड सेक्शन की स्टीमर तथा गोताखोरों की मदद से नदी में तलाश अभियान चलाया। तीन-चार दिन की मशक्कत के बाद 31 अक्टूबर को थाना नयागांव क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर के पास काली नदी से विमलेश का शव बरामद कर लिया गया। शव मिलने के बाद परिजनों ने उसकी शिनाख्त की थी।

उधार के रुपये वापस न मिलने पर रची हत्या की साजिश

पुलिस के मुताबिक, एक नवंबर को थाना अलीगंज पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों रोहित और अजीत को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मुख्य आरोपी रोहित ने बताया कि विमलेश पर उसके रुपये उधार थे। काफी समय बीतने के बाद भी विमलेश रुपये वापस नहीं कर रहा था। इसी बात को लेकर वह उससे नाराज था और उसने उसकी हत्या करने की योजना बना ली।

पुलिस के अनुसार, 20 अक्टूबर को दशहरे की शाम रोहित ने विमलेश को शराब पिलाई। इसके बाद किसी बहाने से उसे धुमरी स्थित काली नदी पुल के पास ले गया। वहां पहले से बनाई गई योजना के तहत रोहित ने अपने रिश्तेदार अजीत के साथ मिलकर अपने पास लाए टायर लीवर से विमलेश के सिर पर वार कर दिया। हमले में विमलेश की मौत हो गई। इसके बाद दोनों आरोपियों ने शव को बोरे में लपेटा और धुमरी पुल से काली नदी में फेंक दिया, जिससे घटना का पता न चल सके।

बाइक, टायर लीवर और खून से सने कपड़े बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर मृतक विमलेश की मोटरसाइकिल, हत्या में इस्तेमाल किया गया टायर लीवर और मुख्य आरोपी रोहित के घटना के समय पहने हुए खून से सने कपड़े बरामद किए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में टीम ने किया खुलासा

हत्या की इस घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक रूपेश कुमार वर्मा, उपनिरीक्षक घनश्याम सिंह, जयवीर सिंह, अशोक कुमार तथा कांस्टेबल मनोज कुमार, सचिन कुमार और जयदीप सिंह शामिल रहे। पुलिस की कार्रवाई के बाद लंबे समय से लापता विमलेश की तलाश का मामला हत्या के खुलासे तक पहुंच गया है।