
हजरत किबला शाह इमामुद्दीन नियाजी ने की थी उर्स की शुरुआत, मशहूर कव्वालों ने बांधा समां
एटा। अलीगंज में हजरत सिराजुस सालिकीन रहमतुल्लाह अलैह का उर्स-ए-मुबारक अकीदत और एहतराम के साथ आयोजित किया गया। उर्स में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने पहुंचकर हाजिरी लगाई और दुआएं मांगीं। इस दौरान आयोजित कव्वाली कार्यक्रम में मशहूर कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश कर देर रात तक समां बांधे रखा।
मोहम्मद हसनैन अली वारसी ने बताया कि हजरत सिराजुस सालिकीन रहमतुल्लाह अलैह का उर्स वर्ष 1984 से लगातार आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस उर्स की शुरुआत हजरत किबला शाह इमामुद्दीन नियाजी साहब रहमतुल्लाह अलैह ने की थी। तभी से यह आयोजन हर वर्ष अकीदत और एहतराम के साथ संपन्न होता आ रहा है।
कव्वाली की महफिल में झूमे अकीदतमंद
उर्स के अवसर पर आयोजित कव्वाली कार्यक्रम में शमाइल साबरी कव्वाली, अलीगढ़, मतलूब नियाजी कव्वाल, शमशाबाद और रियाज भारती कव्वाल, शमशाबाद ने एक से बढ़कर एक सूफियाना कलाम पेश किए। कव्वालों की शानदार प्रस्तुतियों ने मौजूद अकीदतमंदों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरा माहौल रूहानियत से सराबोर हो गया।
अमन-चैन और भाईचारे की मांगी दुआ
उर्स में अनवरुल हसन नियाजी, इस्लाम नियाजी, चिड़्दा खान, कमरुल नियाजी और मोहम्मद हसनैन अली वारसी समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। इस दौरान लोगों ने मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआ की। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और रूहानी माहौल में संपन्न हुआ।
Leave a Reply