अलीगंज में दुकानों के बाहर नाले में घुसी UP32 DG 8468, अगला टायर फटा; प्रत्यक्षदर्शी ने लगाया शराब के नशे में होने का आरोप, पुलिस बोली—जांच के बाद साफ होगी तस्वीर

Etah कोतवाली अलीगंज क्षेत्र में बुधवार रात डायल 112 की पीआरवी के नाले में घुसने की घटना से हड़कंप मच गया। एटा-कायमगंज रोड पर डीएवी मैदान के पास रात करीब नौ बजे पीआरवी संख्या UP32 DG 8468 अनियंत्रित होकर दुकानों के बाहर बने नाले में जा घुसी। हादसे में वाहन का अगला टायर फट गया। घटना के बाद आसपास के दुकानदारों और राहगीरों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।

सूचना मिलने पर कोतवाली अलीगंज के प्रभारी निरीक्षक रूपेश कुमार वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने क्रेन की मदद से पीआरवी को नाले से बाहर निकलवाया। हादसे के दौरान किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

तेज रफ्तार से आ रही थी पीआरवी

प्रत्यक्षदर्शी गोपाल सिंह राठौर के अनुसार पीआरवी तेज गति से आ रही थी। डीएवी मैदान के पास पहुंचने पर वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे दुकानों के बाहर बने नाले में जा घुसा। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन का अगला टायर फट गया।

गोपाल सिंह का कहना है कि वह उस समय रास्ते से गुजर रहे थे। यदि अनियंत्रित पीआरवी उनकी ओर आती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

पुलिसकर्मियों पर शराब के नशे में होने का आरोप

घटना के बाद प्रत्यक्षदर्शी ने पीआरवी में मौजूद पुलिसकर्मियों पर शराब के नशे में होने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि पुलिसकर्मियों ने ढाबे पर शराब पी थी। इस आरोप के बाद मौके पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

हालांकि, पुलिसकर्मियों के शराब के नशे में होने अथवा ढाबे पर शराब पीने के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने भी इन आरोपों को लेकर जांच किए जाने की बात कही है।

रात आठ बजे के बाद ब्रेकडाउन थी गाड़ी, फिर नाले तक कैसे पहुंची?

पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल पीआरवी के घटनास्थल तक पहुंचने को लेकर खड़ा हो गया है। प्रभारी निरीक्षक रूपेश कुमार वर्मा के अनुसार पीआरवी रात करीब आठ बजे के बाद ब्रेकडाउन बताई गई थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि वाहन ब्रेकडाउन था तो करीब नौ बजे वह डीएवी मैदान के पास नाले में कैसे पहुंच गया।

प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि गाड़ी वहां कैसे पहुंची, इसकी जांच की जा रही है। साथ ही पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल में जुटी है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पीआरवी ब्रेकडाउन होने के बावजूद घटनास्थल तक कैसे पहुंची, वाहन किन परिस्थितियों में अनियंत्रित हुआ और पुलिसकर्मियों पर लगाए गए नशे से संबंधित आरोपों में कितनी सच्चाई है।