जमानत के बाद ठिकाना बदलकर रह रहा था आरोपी, न्यायालय ने जारी किए थे एनबीडब्ल्यू और कुर्की की कार्रवाई के आदेश

एटा। थाना राजा का रामपुर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में पिछले करीब आठ वर्षों से फरार चल रहे वारंटी एवं कुर्की की कार्रवाई से संबंधित अभियुक्त को हरदोई जिले से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी जमानत मिलने के बाद अपना स्थायी पता छोड़कर फरार हो गया था और अपनी चल-अचल संपत्ति भी बेच दी थी। आरोपी के खिलाफ न्यायालय से गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) तथा धारा 83 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई के आदेश जारी किए गए थे।

पुलिस के मुताबिक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा ईलामरन जी., अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी अलीगंज राजेश सिंह के निर्देशन में जिले में वांछित एवं वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत राजा का रामपुर पुलिस को गैंगस्टर एक्ट से संबंधित लंबे समय से फरार आरोपी की गिरफ्तारी में सफलता मिली।

पुलिस ने बताया कि थाना राजा का रामपुर में दर्ज अपराध संख्या 447/2007, धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट के मामले में सत्यवीर पुत्र रामभरोसे निवासी गढ़िया जगन्नाथ थाना राजा का रामपुर आरोपी है। वह न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-03, एटा से जमानत प्राप्त करने के बाद करीब आठ वर्षों से अपने स्थायी पते से फरार चल रहा था।

पुलिस के अनुसार फरारी के दौरान आरोपी ने अपनी चल-अचल संपत्तियां भी बेच दी थीं और अपना ठिकाना बदलकर हरदोई जिले में रहने लगा था। न्यायालय की ओर से उसके खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी किए गए थे। इसके साथ ही धारा 83 सीआरपीसी के तहत कुर्की की कार्रवाई से संबंधित आदेशिकाएं भी जारी की गई थीं।

मुखबिर की सूचना पर हरदोई पहुंची पुलिस

राजा का रामपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित आरोपी हरदोई जिले के थाना सहबाजपुर क्षेत्र के अमिरता में रह रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दबिश देकर सत्यवीर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई कर रही है।

गिरफ्तार आरोपी:
सत्यवीर पुत्र रामभरोसे, निवासी गढ़िया जगन्नाथ, थाना राजा का रामपुर, एटा। वर्तमान पता अमिरता, थाना सहबाजपुर, जनपद हरदोई।

गिरफ्तारी करने वाली टीम:
थानाध्यक्ष रोहित राठी, उपनिरीक्षक महेन्द्र सिंह, कांस्टेबल 914 सोनू राणा, कांस्टेबल 1826 प्रियांशू गुप्ता और महिला कांस्टेबल 1837 इरसाना अंजुम शामिल रहे।