घर से बाजार जाने की बात कहकर निकला था 22 वर्षीय युवक, नहर में मिले अज्ञात शव की पहचान के बाद हत्या की धारा बढ़ी
एटा। थाना नयागांव क्षेत्र में करीब 17 महीने से अनसुलझे पवन हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। अपहरण के मामले में वांछित चल रही एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में महिला ने प्रेम संबंधों के चलते अपने देवर के साथ मिलकर युवक पवन की हत्या कर शव को नहर में फेंकने की बात स्वीकार की है। मामले में शामिल बताया जा रहा दूसरा आरोपी, महिला का देवर, घटना के कुछ समय बाद सड़क दुर्घटना में मौत का शिकार हो चुका है।
पुलिस ने अपहरण के मामले में हत्या की धारा बढ़ाते हुए गिरफ्तार अभियुक्ता के खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
25 अप्रैल 2024 को घर से निकला था पवन
पुलिस के अनुसार थाना नयागांव क्षेत्र के गांव नगला तारा निवासी नन्दराम का करीब 22 वर्षीय पुत्र पवन 25 अप्रैल 2024 की शाम करीब पांच बजे घर से सराय अगहत बाजार जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटा।
परिजनों ने युवक की काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। आखिरकार 3 मई 2024 को परिजनों ने थाना नयागांव पहुंचकर पवन की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
सात महीने बाद दर्ज हुआ अपहरण का मुकदमा
युवक का कोई सुराग नहीं मिलने पर मामले की जांच आगे बढ़ाई गई। पुलिस के मुताबिक 28 नवंबर 2024 को थाना नयागांव में मुकदमा अपराध संख्या 119/2024 के तहत धारा 364 आईपीसी में अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया।
इसके बाद पुलिस ने युवक की तलाश तेज करते हुए मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच शुरू की। करीब डेढ़ साल से अधिक समय तक पुलिस इस मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी रही।
जाबड़ा नहर में मिले अज्ञात शव से जुड़ी जांच ने बदली कहानी
विवेचना के दौरान पुलिस को 29 अक्टूबर 2025 को थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के जाबड़ा नहर में मिले एक अज्ञात शव की जानकारी मिली। उस समय शव की पहचान नहीं हो सकी थी।
पुलिस ने अज्ञात शव के फोटो, कपड़े, सैंडिल तथा शरीर पर मौजूद पहचान चिन्हों को सुरक्षित रखा था। इनमें शरीर पर बने टैटू, दाहिने हाथ में बंधा कलावा और अन्य विशेष पहचान शामिल थीं।
इन्हीं पहचान चिन्हों के आधार पर पुलिस ने पवन के परिजनों को बुलाकर शव की शिनाख्त कराई। पुलिस के अनुसार वादी नन्दराम, उसकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों ने अज्ञात शव की पहचान पवन के रूप में की। परिजनों ने शव पर मौजूद पहचान चिन्हों की भी पुष्टि की।
अपहरण की जांच में सामने आया हत्या का मामला
शव की पहचान पवन के रूप में होने के बाद पुलिस की जांच ने नया मोड़ ले लिया। विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर अपहरण के मुकदमे में हत्या की धारा 302 आईपीसी की बढ़ोतरी की गई।
पुलिस के अनुसार वांछित चल रही महिला को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उसने अपने देवर के साथ मिलकर प्रेम संबंधों के चलते पवन की हत्या करने की बात बताई। पुलिस के अनुसार पवन को अप्रैल 2024 में नहर में धक्का देकर मौत के घाट उतारा गया था।
घटना के कुछ दिन बाद देवर की हो चुकी थी मौत
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में गिरफ्तार महिला ने बताया कि घटना में उसका देवर भी शामिल था। हालांकि घटना के कुछ समय बाद उसकी सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। ऐसे में पुलिस अब गिरफ्तार महिला से पूछताछ के आधार पर घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है।
क्षेत्राधिकारी ने दी जानकारी
मामले में क्षेत्राधिकारी अलीगंज राजेश सिंह ने बताया कि थाना नयागांव में धारा 364 आईपीसी के तहत पंजीकृत अभियोग में एक अभियुक्ता को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में अभियुक्ता ने प्रेम संबंधों के चलते अपने देवर के साथ मिलकर मृतक पवन की हत्या कर उसे नहर में धक्का देने की जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि घटना में शामिल बताए गए महिला के देवर की पूर्व में सड़क दुर्घटना के कारण मृत्यु हो चुकी है। गिरफ्तार अभियुक्ता के विरुद्ध धारा 302 आईपीसी की बढ़ोतरी करते हुए अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इन अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा डॉ. इलामारन जी के निर्देशन में तथा अपर पुलिस अधीक्षक एटा श्वेताभ पाण्डेय और अपर पुलिस अधीक्षक अपराध योगेन्द्र सिंह के निकट पर्यवेक्षण में थाना नयागांव पुलिस ने कार्रवाई की।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में—
- प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह
- उपनिरीक्षक मनिन्द्र कुमार
- कांस्टेबल विशाल चौधरी
- कांस्टेबल राघवेन्द्र कुमार
- महिला कांस्टेबल सृष्टि चौधरी
शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि मामले में गिरफ्तार अभियुक्ता के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और विवेचना में सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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