सकीट (एटा)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सकीट में वर्षों से एक्सरे मशीन उपलब्ध होने के बावजूद टेक्नीशियन की तैनाती न होने के कारण उसका संचालन शुरू नहीं हो सका है। इससे क्षेत्र के मरीजों को एक्सरे कराने के लिए लगभग 20 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल एटा जाना पड़ रहा है।

सीएचसी सकीट पर खून, बलगम, पेशाब, शुगर सहित अन्य सामान्य जांचों की सुविधा उपलब्ध है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए यहां पहुंचते हैं। लेकिन हड्डी की चोट अथवा अन्य मामलों में एक्सरे की आवश्यकता होने पर मरीजों को मजबूरन एटा या अन्य स्थानों का रुख करना पड़ता है।

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि सीएचसी पर एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाएं भी नियमित रूप से उपलब्ध हो जाएं तो अधिकांश मरीजों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगा।

ग्राम डूंगरपुर निवासी चित्रा देवी ने बताया कि वह प्राथमिक विद्यालय गाजीपुर पोहर (शीतलपुर क्षेत्र) में कार्यरत हैं। विद्यालय से छुट्टी के बाद अपने ससुर के साथ बाइक से घर लौटते समय सामने से आ रही दूसरी बाइक से टक्कर हो गई, जिससे उनके हाथ में चोट लग गई। उन्होंने बताया कि एक्सरे कराने सीएचसी सकीट पहुंचीं तो डॉक्टर ने बताया कि मशीन तो है, लेकिन टेक्नीशियन नहीं है। इसके बाद उन्हें मजबूरन एटा जाकर एक्सरे कराना पड़ा।

वहीं सकीट के मोहल्ला कायस्थान निवासी अवधेश प्रजापति ने बताया कि छत पर कपड़े उठाते समय बंदर के आ जाने से वह नीचे गिर गए, जिससे उनके पैर में चोट लग गई। एक्सरे कराने सीएचसी पहुंचे तो वहां भी यही जानकारी मिली कि मशीन होने के बावजूद टेक्नीशियन उपलब्ध नहीं है। इसके बाद उन्हें भी एटा जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि सीएचसी पर एक्सरे टेक्नीशियन की तैनाती हो जाए तो मरीजों का समय और धन दोनों की बचत होगी।

सीएचसी प्रभारी (एमओआईसी) डॉ. शिव कुमार राजपूत ने बताया कि अस्पताल में मरीजों के उपचार की अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि एक्सरे मशीन संचालित करने के लिए विभाग से मौखिक रूप से टेक्नीशियन की मांग की गई है। उम्मीद है कि जल्द ही टेक्नीशियन की तैनाती होने पर क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही एक्सरे की सुविधा मिल सकेगी।