
प्रदर्शनी और शॉर्ट फिल्म के जरिए नई पीढ़ी को बताई गई 1947 के विभाजन की पीड़ा
एटा। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जनेश्वर मिश्र सभागार, एटा में भावपूर्ण एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने मारहरा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी एवं भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता की उपस्थिति में फीता काटकर किया। इस दौरान अतिथियों ने सभागार में लगाई गई विभाजन विभीषिका से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
कार्यक्रम में वर्ष 1947 के भारत विभाजन के दौरान हुई त्रासदी, विस्थापन, पीड़ा, संघर्ष, त्याग और बलिदान पर आधारित शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी और फिल्म के माध्यम से छात्र-छात्राओं तथा उपस्थित लोगों को विभाजन के दौरान लाखों लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा, अपने घर-परिवार और संपत्ति से विस्थापन तथा संघर्ष की परिस्थितियों से परिचित कराया गया।
पूर्वजों के त्याग और संघर्ष को याद करने का अवसर
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल अतीत की पीड़ा को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के त्याग, संघर्ष और बलिदान से परिचित कराने का माध्यम भी है। विभाजन के दौरान लाखों लोगों ने अपना घर-परिवार, संपत्ति और मातृभूमि तक छोड़ दी, लेकिन कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने देश के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद नहीं छोड़ी।
उन्होंने कहा कि विभाजन से जुड़ा इतिहास युवा पीढ़ी को यह समझने का अवसर देता है कि आज का मजबूत भारत अनेक पीढ़ियों के त्याग, संघर्ष और समर्पण का परिणाम है। राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी प्रत्येक पीढ़ी को पूरी निष्ठा और कर्तव्यबोध के साथ आगे बढ़ानी चाहिए।
राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपनी है
जिलाधिकारी ने राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया की तुलना रिले रेस से करते हुए कहा कि जिस प्रकार एक धावक अपनी जिम्मेदारी पूरी करते हुए बैटन अगले धावक को सौंपता है, उसी प्रकार प्रत्येक पीढ़ी राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपती है। नई पीढ़ी को इस जिम्मेदारी को सही दिशा, ऊर्जा और समर्पण के साथ आगे बढ़ाना होगा।
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को देश के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और विभाजन की विभीषिका से जुड़ी घटनाओं की जानकारी दें। इससे बच्चों में अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।
दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान विभाजन विभीषिका में प्राणों की आहुति देने वाले लोगों और विस्थापन की पीड़ा सहने वाले परिवारों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही राष्ट्र की एकता, अखंडता, सामाजिक सौहार्द और मजबूत भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. इंद्रजीत सिंह, बीएसए अनुपम अवस्थी सहित अधिकारी, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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