एटा। जनपद में कानून-व्यवस्था, लोकशांति और जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट अरविन्द सिंह ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। शिकायतों और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के आधार पर पांच शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। साथ ही संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी लाइसेंसी शस्त्र तत्काल जमा कराकर न्यायालय के आदेश का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी न्यायालय में प्राप्त शिकायतों की जांच के दौरान सामने आया कि कुछ शस्त्र लाइसेंस धारकों पर आम नागरिकों, पड़ोसियों, परिवारजनों और रिश्तेदारों को धमकाने, शादी-विवाह व अन्य सार्वजनिक आयोजनों में हर्ष फायरिंग करने तथा अपने कृत्यों से लोकशांति और जनसुरक्षा को प्रभावित करने के आरोप पाए गए। इन गंभीर तथ्यों को देखते हुए संबंधित लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई।

निलंबित किए गए लाइसेंस धारकों में योगेश कुमार शर्मा निवासी द्वारिकापुरी, आगरा रोड, थाना कोतवाली नगर के एनपीबी राइफल (लाइसेंस संख्या 953) तथा रिवॉल्वर/पिस्टल (लाइसेंस संख्या 6206), रघुराज सिंह निवासी ग्राम कुसवाह, थाना अवागढ़ के एनपीबी राइफल (लाइसेंस संख्या 16165), जबर सिंह निवासी नगला दाऊदगंज, थाना अलीगंज के डीबीबीएल गन (लाइसेंस संख्या 23130) तथा दीपक कुमार उर्फ विनय कुमार निवासी दिनेश नगर, थाना कोतवाली नगर के 32 बोर पिस्टल (लाइसेंस संख्या 11393) के शस्त्र लाइसेंस शामिल हैं।

डीएम अरविन्द सिंह ने स्पष्ट कहा कि लाइसेंसी शस्त्र आत्मरक्षा और सुरक्षा के लिए दिए जाते हैं, उनका दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में कोई व्यक्ति हर्ष फायरिंग करता है, लोगों में भय का माहौल बनाता है या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास करता है तो उसके विरुद्ध शस्त्र अधिनियम एवं अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं शस्त्रों का दुरुपयोग, हर्ष फायरिंग या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली कोई गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस या जिला प्रशासन को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।