2023 में फर्जी प्रमाणपत्रों के आरोप में बर्खास्त हुआ था शिक्षक, अब दूसरी पहचान से अलीगंज विकासखंड के इमादपुर में नौकरी करने का आरोप; बेसिक शिक्षा निदेशक समेत डीएम से शिकायत

एटा। अलीगंज विकासखंड के इमादपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक की नौकरी को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। मैनपुरी निवासी शिकायतकर्ता विजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि जिस व्यक्ति को वर्ष 2023 में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर शिक्षक की नौकरी करने के मामले में तत्कालीन बीएसए एटा ने बर्खास्त किया था, उसी ने कथित तौर पर दूसरी पहचान के जरिए दोबारा शिक्षक की नौकरी हासिल कर ली। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के मुताबिक मैनपुरी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम ग्वालटोली निवासी राजीव कुमार पुत्र श्रीकृष्ण यादव कथित तौर पर राजकुमार पुत्र राजाराम, निवासी यादव नगर शिकोहाबाद, फिरोजाबाद के नाम से अलीगंज विकासखंड के इमादपुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर नौकरी कर रहा था। शिकायत की जांच के बाद आरोप सही पाए जाने पर 12 अक्तूबर 2023 को तत्कालीन बीएसए एटा ने राजकुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया था।

इसके बाद आरोपी के खिलाफ नौ जुलाई 2024 को थाना राजा का रामपुर में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज होने की बात शिकायत में कही गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद इसी व्यक्ति ने अपनी बर्खास्तगी के बाद रोहित कुमार पुत्र श्रीकृष्ण, निवासी हिन्दपुरम कॉलोनी, मैनपुरी के नाम से एक जुलाई 2024 से दोबारा शिक्षक पद पर नौकरी हासिल कर ली।

11 माह जेल में रहने के दौरान वेतन निकलने का भी आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि राजकुमार के जेल जाने के बावजूद उसके नाम से लगातार वेतन निकलता रहा। शिकायत के अनुसार आरोपी को तीन मार्च 2025 को एटा जेल भेजा गया और करीब 11 माह जेल में रहने के बाद हाईकोर्ट से जमानत मिली। अब यह भी जांच का विषय है कि जेल में रहने की अवधि के दौरान कथित रूप से रोहित कुमार के नाम से वेतन किस खाते में और किस आधार पर जारी हुआ।

सरौठ स्कूल में रोहित कुमार की तैनाती का भी जिक्र

शिकायतकर्ता की ओर से अब आरोप लगाया गया है कि रोहित कुमार प्राथमिक विद्यालय सरौठ पुवां, विकासखंड जैथरा, जनपद एटा में तैनात है। शिकायत में सवाल उठाया गया है कि क्या इमादपुर में राजकुमार के नाम से नौकरी करने वाला व्यक्ति ही बाद में रोहित कुमार के नाम से शिक्षक बना, अथवा दोनों अलग-अलग व्यक्ति हैं। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

बेसिक शिक्षा निदेशक और दोनों जिलों के डीएम से शिकायत

मामले में शिकायतकर्ता विजेंद्र सिंह ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा निदेशक, जिलाधिकारी मैनपुरी और जिलाधिकारी एटा को शिकायत भेजकर पूरे प्रकरण की जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के बाद फर्जी प्रमाणपत्रों और पहचान बदलकर सरकारी नौकरी हासिल करने के आरोपों को लेकर शिक्षा विभाग में मामला चर्चा में है।

बीएसए बोले- शिकायत मिलने पर कराई जाएगी जांच

मामले पर बीएसए एटा अनुपम अवस्थी ने बताया कि एक ही व्यक्ति द्वारा नाम बदलकर नौकरी करने की अभी उनके पास कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजीव कुमार, राजकुमार और रोहित कुमार के नामों के पीछे व्यक्ति एक ही है या अलग-अलग। इसके अलावा कथित रूप से बर्खास्तगी के बाद दूसरी पहचान से नौकरी हासिल करने और जेल में रहने की अवधि में वेतन निकलने के आरोपों की भी विभागीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।