कासगंज। एमपी-एमएलए कोर्ट के आदेश के बाद सहावर थाना पुलिस ने फर्रुखाबाद से सांसद , उनकी बहन रीना राजपूत, पत्नी सौभाग्यवती, बेटों, सुरक्षा गार्डों और अन्य लोगों समेत 38 नामजद तथा 50 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य लक्ष्मण सिंह ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उनके मकान पर जबरन कब्जा करने के साथ घर में घुसकर मारपीट, जानलेवा हमला और करीब 50 लाख रुपये की नकदी व जेवरात समेत महत्वपूर्ण दस्तावेज लूट लिए। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
लक्ष्मीपुर गांव निवासी सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य लक्ष्मण सिंह के मुताबिक अवंतीबाई नगर में उनका तीन मंजिला मकान है। उनके बेटे रवींद्र कुमार का विवाह रीना राजपूत से हुआ था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि शादी के बाद से ही पारिवारिक विवाद को लेकर रीना अपने सांसद भाई के राजनीतिक प्रभाव का दबाव बनाकर परिवार को परेशान करती रही। आरोप है कि करीब एक वर्ष पहले सांसद और उनके सहयोगियों ने मकान में स्थित दुकान पर जबरन कब्जा कर लिया तथा रवींद्र के साथ मारपीट कर उसे वहां से निकाल दिया।
रात में हथियारबंद लोगों ने घेरा मकान
शिकायत में लक्ष्मण सिंह ने आरोप लगाया कि 7 सितंबर 2025 को विवाद के बाद रीना राजपूत ने कथित रूप से एक वीडियो बनाकर अपने मायके फोन किया। उसी शाम करीब आठ बजे दर्जनों हथियारबंद लोग उनके मकान पर पहुंच गए और घर को चारों ओर से घेर लिया। भय के कारण परिवार के कई सदस्य जान बचाकर वहां से निकल गए, जबकि बुजुर्ग लक्ष्मण सिंह पहली मंजिल पर फंस गए।
आरोप है कि हमलावरों ने कटर की मदद से लोहे के दरवाजे और ताले काटने का प्रयास किया। अपनी सुरक्षा के लिए लक्ष्मण सिंह ने लाइसेंसी रायफल अपने पास रखी और रातभर पुलिस को फोन कर मदद मांगते रहे। उनका आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते तत्काल पुलिस सहायता नहीं मिली।
बेटे को पुलिस ले गई, बाद में घर में हुई मारपीट
शिकायतकर्ता के अनुसार, 8 सितंबर की सुबह पुलिस उनके बेटे राजेश को पकड़कर ले गई और लाइसेंसी रायफल भी जब्त कर ली। इसके बाद जब उनकी कैंसर पीड़ित बेटी प्रीति और पत्नी जानकी देवी घर पहुंचीं तो आरोपियों ने कथित रूप से उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की।
लक्ष्मण सिंह ने आरोप लगाया कि इसके बाद घर की अलमारियों और बक्सों के ताले तोड़कर करीब 50 लाख रुपये नकद, आभूषण, मकान के बैनामे, मुकदमों से संबंधित फाइलें, चेकबुक, पासबुक और शैक्षणिक प्रमाण पत्र ले लिए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से घर में लगे सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया गया तथा डीसीआर भी निकालकर ले जाया गया।
पैतृक गांव तक पहुंचने का लगाया आरोप
शिकायत के मुताबिक, पत्नी जानकी देवी और बेटी प्रीति किसी तरह आरोपियों से बचकर अपने पैतृक गांव लक्ष्मीपुर पहुंचीं, लेकिन आरोप है कि हमलावर वहां भी पहुंच गए और उनके साथ मारपीट की।
पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने सहावर पुलिस से कार्रवाई की मांग की, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की। इसके बाद उन्होंने न्याय के लिए एमपी-एमएलए कोर्ट की शरण ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सहावर थाना पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना के आदेश दिए।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी
पुलिस के मुताबिक मामले में फर्रुखाबाद सांसद मुकेश राजपूत, उनकी पत्नी सौभाग्यवती, पुत्र अर्पित व अंकित, दो सुरक्षा गार्ड, बहन रीना राजपूत, भाई राकेश, दिनेश उर्फ नन्हे, संजीव, सुधाकर प्रधान, ओमसरन वर्मा समेत 38 नामजद लोगों को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अब प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों, घटना के दौरान मौजूद लोगों, कथित लूट की संपत्ति और सीसीटीवी समेत अन्य साक्ष्यों की जांच में जुटी है। मुकदमा दर्ज होना आरोपों की पुष्टि नहीं है; आरोपों की सत्यता पुलिस की विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।
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