ऑपरेशन CY-VAJRA: एटा पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह का किया भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार

एटा। जनपद एटा में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन CY-VAJRA” के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना जैथरा पुलिस, जनपदीय साइबर सेल और एसओजी की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ₹40 हजार नकद, एक एटीएम कार्ड, एक बैंक इंस्टा किट स्लिप और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक नगर श्वेताभ पांडेय, अपर पुलिस अधीक्षक अपराध एवं नोडल अधिकारी साइबर क्राइम योगेंद्र सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी अलीगंज राजेश सिंह एवं क्षेत्राधिकारी साइबर नीतीश गर्ग के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई।

डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस पैक से मिला सुराग

साइबर मुख्यालय से प्राप्त District Intelligence Pack के आधार पर संदिग्ध म्यूल बैंक खातों का विश्लेषण किया गया। जांच के बाद थाना जैथरा में मुकदमा संख्या 233/2026 धारा 317(5), 317(2) एवं 49 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

18 जुलाई 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने राजकीय महाविद्यालय तरगवां के पास से नितेश बाबू पुत्र रामवीर निवासी नेहरू नगर, जैथरा तथा सोभित चौहान उर्फ कल्लू पुत्र राजू चौहान निवासी सड़क मोर्चा, जैथरा को गिरफ्तार कर लिया।

डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर हुई थी ठगी

पुलिस जांच में सामने आया कि हैदराबाद के एक व्यक्ति को खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाया गया और उससे लाखों रुपये ठग लिए गए। ठगी गई रकम में से ₹8 लाख नितेश बाबू के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे।

जांच के दौरान पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट, चेक, केवाईसी दस्तावेज, बैंक लेनदेन, एसबीआई जैथरा एवं अलीगंज शाखा की सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय सत्यापन तथा कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में पुष्टि हुई कि खाते में आए पूरे ₹8 लाख उसी दिन दो चेकों के जरिए ₹4.80 लाख और ₹3.20 लाख निकाल लिए गए, जिन्हें दोनों आरोपियों ने आपस में बांट लिया।

ऐसे करता था गिरोह काम

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह के सदस्य अपने या अन्य लोगों के म्यूल बैंक खातों में साइबर ठगी की रकम मंगवाते थे। इसके बाद चेक या एटीएम के माध्यम से नकदी निकालकर गिरोह के सदस्यों में रकम बांट दी जाती थी।

पुलिस के अनुसार विवेचना और तकनीकी जांच में गिरोह के अन्य सदस्यों की संलिप्तता भी सामने आई है। उनकी तलाश जारी है तथा उनसे जुड़े अन्य बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी गहन जांच की जा रही है।

इन टीमों ने की कार्रवाई

इस सफल कार्रवाई में थानाध्यक्ष जैथरा सुनील कुमार वर्मा की टीम, जनपदीय साइबर सेल प्रभारी दीक्षित कुमार की टीम तथा एसओजी प्रभारी श्रवण निगम की टीम शामिल रही।

एटा पुलिस की अपील

एटा पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या बैंकिंग किट किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें। यदि कोई व्यक्ति वीडियो कॉल पर खुद को सीबीआई, पुलिस या किसी अन्य एजेंसी का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर रुपये ट्रांसफर कराने का दबाव बनाए, तो सतर्क रहें। ऐसी किसी भी साइबर धोखाधड़ी की सूचना तुरंत 1930 हेल्पलाइन या www.cybercrime.gov.in पर दें।