
ग्राम प्रधान, शिक्षक, राशन डीलर, आशा कार्यकर्ता और स्थानीय चिकित्सकों को दी गई जिम्मेदारी; छूटे बच्चों की पहचान कर नियमित टीकाकरण से जोड़ने पर जोर
एटा। ब्लॉक अलीगंज के GAVI क्षेत्र के चार गांवों—नगला उम्मेद, नगला विरियन, पुलंजरा और बंधा—में जीरो डोज इम्प्लीमेंटेशन को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम PCI India एवं GAVI-UNICEF के सहयोग से हुआ। इसमें गांव के प्रभावशाली लोगों को अभियान से जोड़ते हुए जीरो डोज बच्चों की पहचान, उनके अभिभावकों को जागरूक करने और बच्चों को नियमित टीकाकरण से जोड़ने की रणनीति पर विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधान, सहायक, शिक्षक, राशन डीलर, आशा कार्यकर्ता, स्थानीय चिकित्सक समेत गांव में प्रभाव रखने वाले अन्य लोगों ने सहभागिता की। प्रशिक्षकों ने कहा कि नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चों तक पहुंच बनाने में समुदाय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। गांव स्तर पर ऐसे बच्चों की पहचान कर उनके परिवारों से संपर्क करना और उन्हें स्वास्थ्य विभाग की टीकाकरण सेवाओं से जोड़ना सामूहिक जिम्मेदारी है।
जीरो डोज बच्चों की पहचान पर विशेष जोर
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जीरो डोज बच्चों की पहचान करने के तरीके बताए गए। साथ ही अभिभावकों को टीकाकरण के महत्व की जानकारी देने, उनकी शंकाओं और भ्रांतियों को दूर करने तथा बच्चों को नियमित टीकाकरण सत्र तक पहुंचाने में सहयोग करने के बारे में समझाया गया।
अधिकारियों ने कहा कि किसी भी बच्चे का नियमित टीकाकरण से छूटना उसके स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग की टीम, आशा कार्यकर्ताओं और समुदाय के प्रभावशाली लोगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रत्येक पात्र बच्चे तक पहुंच बनाना जरूरी है।
भ्रांतियां दूर कर बढ़ाई जाएगी जागरूकता
कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण को लेकर मौजूद भ्रांतियों और जागरूकता की कमी को दूर करने पर भी चर्चा हुई। ग्राम प्रधान, शिक्षक, राशन डीलर, आशा कार्यकर्ता और स्थानीय चिकित्सकों से कहा गया कि वे अपने संपर्क में आने वाले परिवारों को टीकाकरण के प्रति जागरूक करें और बच्चों को समय से सभी आवश्यक टीके लगवाने के लिए प्रेरित करें।
प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल जीरो डोज बच्चों की पहचान करना ही नहीं, बल्कि समुदाय के विभिन्न प्रभावशाली लोगों को अभियान से जोड़कर गांव स्तर पर जागरूकता और सहयोग का मजबूत तंत्र विकसित करना भी रहा। इससे टीकाकरण से छूटे बच्चों तक पहुंच बनाने और उन्हें नियमित टीकाकरण व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर
प्रशिक्षण के दौरान जिला समन्वयक PCI-GAVI आलोक वर्मा, JSI से विजय गर्ग तथा PCI-GAVI के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पुष्पेंद्र सिंह ने प्रतिभागियों को आवश्यक जानकारी दी। उन्होंने जीरो डोज बच्चों की पहचान, समुदाय को जागरूक करने और बच्चों को नियमित टीकाकरण से जोड़ने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि गांव में कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, आशा कार्यकर्ताओं और समुदाय के प्रभावशाली लोगों के बीच बेहतर समन्वय के साथ लगातार प्रयास करने की आवश्यकता बताई गई।
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