
नहर के जरिए सतही जल योजना से जोड़ने की तैयारी, डीएम ने मांगा विस्तृत प्रस्ताव
एटा। जनपद के खारे पानी से प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने संबंधित अधिकारियों को खारे पानी से प्रभावित गांवों को सतही जल योजना से जोड़ने और नहर के माध्यम से मीठा पानी उपलब्ध कराने के लिए विशेष कार्ययोजना एवं विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को शिविर कार्यालय में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ योजना की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में खारे पानी से प्रभावित क्षेत्रों तक नहर के माध्यम से क्लियर वाटर उपलब्ध कराने और उसे सीडब्ल्यूआर के जरिए ग्रामीणों तक पहुंचाने की व्यवस्था पर विचार किया गया।
तीन विकासखंडों में जलापूर्ति की संभावनाओं का परीक्षण
अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) अमन यादव ने बताया कि खारे पानी से प्रभावित क्षेत्रों में सतही जल योजना के माध्यम से शुद्ध एवं मीठा पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है। इसके लिए विकासखंड जलेसर में लगभग 800 किलोलीटर, अवागढ़ में लगभग 850 किलोलीटर तथा निधौली कला क्षेत्र में लगभग 200 किलोलीटर क्षमता के सीडब्ल्यूआर के माध्यम से जलापूर्ति की संभावनाओं का परीक्षण किया गया है।
तकनीकी और व्यावहारिक परीक्षण के बाद बनेगी कार्ययोजना
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्ताव का तकनीकी एवं व्यावहारिक परीक्षण कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना की व्यवहार्यता, जल स्रोत, आवश्यक पाइपलाइन एवं अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर, कवरेज क्षेत्र और संभावित लागत सहित सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को प्रस्ताव में शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रस्ताव इस प्रकार तैयार किया जाए, जिससे शासन स्तर पर परियोजना की स्वीकृति और क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब न हो सके।
प्रभावित ग्रामीणों को मिलेगी स्थायी राहत
डीएम ने कहा कि खारे पानी की समस्या से प्रभावित ग्रामीणों को स्थायी राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उपलब्ध जल स्रोतों का बेहतर उपयोग करते हुए ऐसी योजना तैयार की जाए, जिससे अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों तक स्वच्छ और मीठा पेयजल पहुंच सके।
परियोजना के क्रियान्वयन के बाद खारे पानी से प्रभावित गांवों के लोगों को पेयजल की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और उन्हें सुरक्षित एवं वैकल्पिक जल स्रोत उपलब्ध हो सकेगा।
बैठक में जल निगम ग्रामीण के सहायक अभियंता निखिल कुमार, जिला समन्वयक दिवाकर सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर सुधाकांत विश्वकर्मा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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