एटा। उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत प्रभावी पैरवी का एक और सकारात्मक परिणाम सामने आया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन शाखा की प्रभावी पैरवी के चलते गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में न्यायालय ने आरोपी को दो वर्ष के सश्रम कारावास और ₹5,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2016 में थाना मारहरा में दर्ज मु0अ0सं0 58/2016 धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट के तहत अभियुक्त राहुल उर्फ कालिया पुत्र राकेश नाई, निवासी मोहल्ला बनियान, कस्बा एवं थाना अवागढ़, जनपद एटा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि अभियुक्त गिरोह बनाकर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त था।

विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र 9 जून 2016 को न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद शासन के निर्देशों एवं पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के अंतर्गत इस मुकदमे को प्राथमिकता में शामिल किया गया।

मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन शाखा द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी किए जाने के परिणामस्वरूप एडीजे-03/गैंगस्टर कोर्ट, एटा ने गुरुवार को आरोपी राहुल उर्फ कालिया को दोषी करार देते हुए दो वर्ष के सश्रम कारावास तथा ₹5,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गंभीर मामलों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को समयबद्ध सजा दिलाना अभियान की प्राथमिकता है, जिससे अपराधियों में कानून का भय बना रहे और अपराध नियंत्रण को मजबूती मिले।