
ओखला फेस-1 में गाड़ी से सिलेंडर उतारते समय हुआ विस्फोट, चार कर्मचारी घायल; धमाके से आसपास के शीशे भी चटके
गढ़िया जगन्नाथ गांव में पसरा मातम, पत्नी और दो मासूम बच्चों को छोड़ गए मोहित
एटा। दिल्ली के ओखला फेस-1 क्षेत्र में बुधवार को ऑक्सीजन सिलेंडर में हुए भीषण विस्फोट में विकासखंड अलीगंज क्षेत्र के गांव गढ़िया जगन्नाथ निवासी मोहित सिंह राठौर की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना जबरदस्त बताया जा रहा है कि विस्फोट की चपेट में आने से मोहित गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे में अन्य चार कर्मचारी भी घायल बताए गए हैं।
घटना की सूचना जैसे ही गढ़िया जगन्नाथ गांव पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर पहुंच गए और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया।
एसएम ट्रेडर्स में कर्मचारी थे मोहित
जानकारी के अनुसार मोहित सिंह राठौर दिल्ली में एसएम ट्रेडर्स में कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे। ग्राम प्रधान अखिलेश सिंह राठौर के अनुसार बुधवार को कंपनी की गाड़ी संख्या DL-1LAJ-3232 गाजियाबाद से कॉमर्शियल ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर ओखला फेस-1 स्थित परिसर में पहुंची थी।
कर्मचारी गाड़ी से सिलेंडर उतारकर उन्हें गोदाम के अंदर रखने का काम कर रहे थे।
सिलेंडर सड़क पर गिरते ही हुआ जोरदार विस्फोट
बताया गया कि मोहित, उमेश और पंकज समेत अन्य कर्मचारी सिलेंडरों को वाहन से उतार रहे थे। इसी दौरान एक सिलेंडर उतरते समय सड़क पर गिर गया और कुछ ही क्षण बाद जोरदार विस्फोट हो गया।
धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। विस्फोट के प्रभाव से आसपास की इमारतों के शीशे भी चटकने की बात सामने आई है।
मोहित समेत कई कर्मचारी हुए घायल
धमाके की चपेट में आने से मोहित सहित चार कर्मचारी घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल मोहित ने उपचार से पहले अथवा दौरान दम तोड़ दिया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हादसे की सूचना मिलते ही संबंधित लोगों और अधिकारियों द्वारा राहत एवं बचाव की कार्रवाई की गई।

20 दिन पहले पिता को इलाज के लिए दिल्ली ले गए थे
मोहित के पिता कर्मवीर सिंह ने बताया कि करीब 20 दिन पहले मोहित गांव आए थे और उन्हें उपचार के लिए अपने साथ दिल्ली ले गए थे। पिता के अनुसार उन्हें टाइफाइड की शिकायत थी, जिसके इलाज के लिए मोहित उन्हें दिल्ली लेकर गए थे।
इलाज के बाद दोनों 5 सितंबर को दिल्ली से वापस गांव लौटे थे। परिवार को क्या पता था कि कुछ ही दिनों बाद मोहित के साथ इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।
सुबह फोन पर मिली बेटे की मौत की खबर
कर्मवीर सिंह के अनुसार बुधवार सुबह करीब 11 बजे उन्हें गांव के कुछ लोगों के माध्यम से बेटे की मौत की सूचना मिली। ऑक्सीजन सिलेंडर फटने की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया।
पिता की आंखों के सामने बेटे की यादें ताजा हो गईं और अचानक मिली इस दुखद खबर से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
11 वर्षीय बेटी और 8 वर्षीय बेटे के सिर से उठा पिता का साया
मोहित सिंह राठौर अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। उनकी 11 वर्षीय बेटी पूर्वी और 8 वर्षीय बेटा कार्तिक है। पिता की असमय मौत से दोनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है।
मोहित के पिता कर्मवीर सिंह खेती-किसानी का काम करते हैं, जबकि मोहित दिल्ली में नौकरी कर परिवार की जिम्मेदारियों में सहयोग करते थे। मोहित की मां का करीब 15 वर्ष पहले बीमारी के कारण निधन हो चुका था।
गढ़िया जगन्नाथ गांव में पसरा मातम
जैसे ही दिल्ली में हुए हादसे की सूचना गांव पहुंची, गढ़िया जगन्नाथ में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मोहित के घर पहुंच गए। शोकाकुल परिवार की हालत देखकर गांव के लोग भी भावुक हो उठे।
ग्रामीणों ने परिवार को सांत्वना देते हुए इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। गांव में हर ओर मोहित की असमय मौत को लेकर गम और मातम का माहौल बना हुआ है।

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