एटा। विकास खंड अलीगंज के ग्राम वीरपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले नौनिहाल खौफ के साए में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। विद्यालय भवन का एक कमरा पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जबकि दूसरे कमरे की दीवारों में भी दरारें पड़ गई हैं। बरसात के दौरान छत से पानी सीधे कक्षा के फर्श पर टपकता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। विद्यालय भवन की छत और दीवारों में कई स्थानों पर गहरी दरारें पड़ चुकी हैं। सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय प्रशासन ने सबसे अधिक जर्जर कमरे पर ताला लगाकर उसे बंद कर दिया है, ताकि कोई छात्र वहां प्रवेश न कर सके। इसके बाद सभी बच्चों की पढ़ाई अन्य कमरों में कराई जा रही है, लेकिन उनकी स्थिति भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं बताई जा रही।

ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय भवन का निर्माण वर्ष 2003 में हुआ था। पिछले कई वर्षों से भवन की मरम्मत और नए भवन की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कई बार अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया, फिर भी समस्या जस की तस बनी हुई है। विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई होती है, जहां 39 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं।

स्टाफ के रूप में प्रधानाध्यापक, एक सहायक अध्यापक और एक शिक्षामित्र तैनात हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक विद्यालय को नया भवन या सुरक्षित व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक मासूम बच्चों की जान जोखिम में बनी रहेगी। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

प्रधानाध्यापक रजत अग्रवाल ने बताया कि विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति से उच्चाधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। अधिकारियों ने निरीक्षण और मूल्यांकन भी किया है तथा भवन को खंडहर घोषित करने की मांग भेजी गई है।

वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि विद्यालय का एक कमरा पूरी तरह जर्जर है, जिसे बंद करा दिया गया है। उसे गिराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं और जल्द ही जर्जर कमरे को ध्वस्त कराकर परिसर को सुरक्षित बनाया जाएगा।