
सरफेसी एक्ट के तहत कार्रवाई तेज होगी, संबंधित एसडीएम और सीओ को डिफॉल्टरों की संपत्तियों का कब्जा बैंकों को दिलाने के निर्देश
एटा। बैंक ऋण की अदायगी में लापरवाही बरतने वाले डिफॉल्टरों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में विचाराधीन सरफेसी अधिनियम (SARFAESI Act) के तहत सात मामलों में डिफॉल्टर ऋणधारकों की अचल संपत्तियों से उन्हें बेदखल कर संबंधित संपत्तियों का कब्जा बैंकों को दिलाए जाने के आदेश जारी किए हैं।
जिलाधिकारी ने संबंधित उप जिलाधिकारियों एवं पुलिस क्षेत्राधिकारियों को न्यायिक आदेशों का प्रभावी ढंग से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से बैंक ऋण की वसूली प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
बैंकिंग व्यवस्था पर पड़ता है असर
जिला प्रशासन के अनुसार बैंकिंग व्यवस्था देश की आर्थिक संरचना की महत्वपूर्ण आधारशिला है। आम लोगों द्वारा बैंकों में जमा धनराशि को ऋण के रूप में उद्योग, व्यापार, स्वरोजगार और अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराया जाता है।
ऐसे में बैंक से ऋण लेने के बाद निर्धारित समय पर किस्तों और ऋण की अदायगी न करना तथा लगातार नोटिस दिए जाने के बावजूद ऋण खाते को एनपीए की स्थिति में पहुंचाना बैंकिंग व्यवस्था के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी प्रभावित करता है।
सात संपत्तियों पर कार्रवाई के आदेश
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में सात अचल संपत्तियां शामिल हैं। इनमें—
- मौजा रारपट्टी, परगना एटा साकिट स्थित 292.95 वर्गमीटर का प्लॉट, जिस पर IDBI Bank Ltd. का ₹27 लाख का ऋण है।
- मोहल्ला पटियाली गेट, परगना एटा साकिट स्थित 32.50 वर्गमीटर का मकान, जिस पर IDBI Bank Ltd. का ₹12 लाख का ऋण है।
- सेक्टर-18 गांधी मार्केट, दुकान संख्या 172 एवं 173, एटा स्थित दुकान, जिस पर IDBI Bank Ltd. का ₹50 लाख का ऋण है।
- गाटा संख्या 867, मौजा बारथर, परगना एटा साकिट स्थित 55.80 वर्गमीटर का आवासीय भवन, जिस पर केनरा बैंक, आगरा रोड, एटा का ₹7,53,525 का ऋण है।
- गाटा संख्या 867, मौजा बायरहर, परगना एटा साकिट स्थित 96.49 वर्गमीटर का आवासीय भवन, जिस पर केनरा बैंक का ₹14,98,093 का ऋण है।
- मोहल्ला अकबरपुर हवेली, तहसील जलेसर स्थित 102.30 वर्गमीटर का प्लॉट, जिस पर CAPRI GLOBAL CAPITAL LTD. का ₹16,65,890 का ऋण है।
- गाटा संख्या 402, मौजा चिलसानी, परगना एटा साकिट स्थित 720 वर्गफीट (66.96 वर्गमीटर) का प्लॉट, जिस पर IIFL Home Finance Limited, Etah का ₹9,26,648 का ऋण है।
एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदारी
डीएम अरविन्द सिंह ने निर्देश दिए कि बैंक ऋण वसूली से संबंधित कार्रवाई में अनावश्यक शिथिलता न बरती जाए। संबंधित उप जिलाधिकारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी कानून के अनुसार बैंक की कार्रवाई को प्रभावी ढंग से संपादित कराते हुए संबंधित संपत्तियों का कब्जा बैंकों को दिलाना सुनिश्चित करें।
प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य बैंकों की वैधानिक ऋण वसूली प्रक्रिया को मजबूत करना और जानबूझकर ऋण की अदायगी नहीं करने वाले डिफॉल्टरों में कानून का प्रभाव स्थापित करना है।
वित्तीय अनुशासन मजबूत करने पर जोर
जिलाधिकारी की इस कार्रवाई से जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बैंक ऋण की वसूली से जुड़े मामलों में विधि सम्मत कार्रवाई को गंभीरता से लिया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य बैंकों की ऋण वसूली प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के साथ जिले में वित्तीय अनुशासन और स्वस्थ बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करना है।
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