आत्मरक्षा प्रशिक्षकों के चयन में दक्षता और अनुभव को प्राथमिकता, प्रोजेक्ट अलंकार के कार्य समयबद्ध पूरा कराने के निर्देश

एटा। राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं को आत्मरक्षा के लिए दक्ष बनाने और सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में विकास व मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को लेकर जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत प्रशिक्षकों के चयन में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए और योग्य व अनुभवी प्रशिक्षकों का ही चयन किया जाए।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण के प्रशिक्षकों के चयन तथा प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत राजकीय एवं एडेड विद्यालयों में संचालित अनुदान योजना के तहत कार्यदायी संस्थाओं के चयन एवं विकास कार्यों की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई।

आत्मरक्षा प्रशिक्षण के लिए योग्य प्रशिक्षकों का होगा चयन

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने का उद्देश्य उन्हें विषम परिस्थितियों में आत्मविश्वास के साथ अपनी सुरक्षा करने में सक्षम बनाना है। इसके लिए प्रशिक्षकों का चयन पूरी पारदर्शिता और निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाना चाहिए।

जनपद स्तरीय समिति द्वारा मार्शल आर्ट में ब्लैक बेल्ट एवं प्रशिक्षित योग्य अभ्यर्थियों के चयन के लिए विज्ञापन जारी करने का निर्णय लिया गया। डीएम ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षकों के चयन के दौरान उनकी दक्षता, अनुभव और बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने की क्षमता का विशेष रूप से आकलन किया जाए।

उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी और जिला क्रीड़ा अधिकारी को आवश्यक सहयोग प्रदान करते हुए योग्य प्रशिक्षकों का चयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रोजेक्ट अलंकार में गुणवत्ता से समझौता नहीं

बैठक में प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत राजकीय एवं एडेड विद्यालयों में संचालित सहयोगी अनुदान योजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान कार्यदायी संस्थाओं के चयन, प्रस्तावित विकास कार्यों, उपलब्ध बजट और अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली गई।

डीएम अरविन्द सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में कराए जा रहे विकास एवं मरम्मत कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और उच्च गुणवत्ता के साथ कराए जाएं। साथ ही सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया।

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में होने वाले निर्माण और मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। शेष विद्यालयों के मरम्मत कार्यों का आगणन शीघ्र तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधकों ने लिया हिस्सा

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक योगेन्द्र सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी ललित अग्रवाल, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. इन्द्रजीत सिंह, जिला क्रीड़ा अधिकारी अरविन्द यादव, तहसीलदार सदर नीरज वार्ष्णेय, तहसीलदार जलेसर संदीप सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य मौजूद रहे।

बैठक में डीएम ने दोनों योजनाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने और शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ छात्र-छात्राओं तक पहुंचाने के निर्देश दिए।