एटा। कांवड़ यात्रा के मद्देनजर एटा और कासगंज पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। शनिवार को दोनों जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने एटा-कासगंज बॉर्डर का संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर कांवड़ियों के सुरक्षित और सुगम आवागमन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

अपर पुलिस अधीक्षक एटा श्वेताभ पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक कासगंज ओपी सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक कासगंज सुशील कुमार ने 15 अगस्त को एटा-कासगंज सीमा क्षेत्र का भ्रमण किया। अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के आवागमन वाले मार्गों पर की गई व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा।

रूट डायवर्जन और बैरिकेडिंग का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रूट डायवर्जन, यातायात व्यवस्था और बैरिकेडिंग की स्थिति देखी। कांवड़ियों के आवागमन वाले मार्ग पर तैनात पुलिसकर्मियों से भी व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

पुलिसकर्मियों को आपसी समन्वय के निर्देश

अधिकारियों ने कांवड़ रूट पर ड्यूटी कर रहे पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समन्वय बैठक भी की। उन्हें निर्देशित किया गया कि एटा और कासगंज की सीमा से गुजरने वाले कांवड़ियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। किसी भी स्थिति में दोनों जनपदों की पुलिस के बीच तत्काल समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। यातायात के दबाव को देखते हुए आवश्यकतानुसार रूट डायवर्जन और अन्य व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्राथमिकता

अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को कांवड़ियों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार करने तथा उनकी आवश्यक मदद करने के निर्देश दिए। साथ ही भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने के दौरान पूरी सतर्कता बरतने को कहा गया।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी सदर संकलदीप कुशवाह, क्षेत्राधिकारी नगर कासगंज आँचल चौहान, क्षेत्राधिकारी यातायात अरुण कुमार सहित दोनों जनपदों का पुलिस बल मौजूद रहा।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुगम तरीके से संपन्न हो सके।