
एटा। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की जनपद एटा शाखा ने अपनी वर्षों से लंबित एवं न्यायोचित मांगों के निराकरण की मांग को लेकर शनिवार को तहसील अलीगंज में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संगम लाल को ज्ञापन सौंपा। संघ ने चेतावनी दी कि यदि 5 अगस्त 2026 तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के लेखपाल चरणबद्ध आंदोलन शुरू करते हुए अतिरिक्त हल्कों में कार्य करने और ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार करेंगे।
संघ के जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि लेखपाल लंबे समय से बढ़ते कार्यभार, पदोन्नति में देरी, स्थानांतरण, भत्तों की विसंगतियों तथा ग्राम सचिवालयों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद शासन स्तर पर उनकी लंबित मांगों का समाधान नहीं किया जा रहा है, जिससे प्रदेशभर के लेखपालों में असंतोष व्याप्त है।
ज्ञापन में अंतर्मंडलीय स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल दोबारा खोले जाने, वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची तत्काल जारी करने, वर्ष 2024 के नव नियुक्त लेखपालों की विभागीय परीक्षा का परिणाम एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्र घोषित करने, स्टेशनरी, वाहन एवं विशेष भत्ते में वृद्धि तथा भूलेख कार्यालयों एवं अन्य सहायक पटलों से संबद्ध लेखपालों को अवमुक्त किए जाने की मांग उठाई गई है। साथ ही ग्राम सचिवालयों में लेखपालों के लिए अलग कक्ष, फर्नीचर, कंप्यूटर, इंटरनेट, बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।
संघ ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो 5 अगस्त से सभी लेखपाल अपने मूल हल्के में ही कार्य करेंगे, अतिरिक्त हल्कों का कार्यभार नहीं संभालेंगे तथा ऑनलाइन कार्यों का भी बहिष्कार करेंगे। संघ का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य जनहित प्रभावित करना नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित न्यायोचित मांगों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित करना है।
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान लेखपाल संघ के प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम प्रशासन संगम लाल को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर शिववीर सिंह यादव, रूपेंद्र, कश्मीर सिंह, प्रियांशु, शशिकांत सहित जनपद के समस्त लेखपाल मौजूद रहे।

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