बिना अनुमति खेतों में मिट्टी का खनन कराने पर जांच में दोषी मिले अंगूरी देवी और वीरपाल सिंह, डीएम ने दो-दो लाख रुपये का अर्थदंड लगाने के प्रस्ताव को दी मंजूरी

एटा। जनपद में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की है। बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के अपने खेतों में मिट्टी का खनन कराने के दो अलग-अलग मामलों में जांच के दौरान दोषी पाए गए दो खेत स्वामियों पर प्रशासन ने दो-दो लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने दोनों मामलों में कुल चार लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहला मामला तहसील एटा सदर के ग्राम पूरा परगना एटा सकीट का है। यहां की निवासी अंगूरी देवी द्वारा अपने खेत में बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मिट्टी का खनन कराया गया था। वहीं दूसरा मामला तहसील जलेसर के ग्राम जमालपुर गादुरी का है। यहां निवासी वीरपाल सिंह के खेत में भी बिना अनुमति मिट्टी का खनन कराया जाना जांच में सामने आया।

दोनों मामलों में संबंधित खेत स्वामियों को अपना पक्ष रखने के लिए प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद उपलब्ध अभिलेखों, जांच आख्या और संबंधित व्यक्तियों की ओर से प्रस्तुत जवाबों का परीक्षण किया गया। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों मामलों में अवैध खनन की पुष्टि हुई।

प्रशासन ने उत्तर प्रदेश उपखनिज परिहार नियमावली-2021 के नियम-3 एवं नियम-58 के प्रावधानों के उल्लंघन को आधार बनाते हुए दोनों खेत स्वामियों पर दो-दो लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित करने का निर्णय लिया है। इस तरह दोनों मामलों में कुल चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने स्पष्ट किया है कि जनपद में बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के मिट्टी अथवा अन्य उपखनिजों का खनन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। खनन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन में संलिप्त लोगों को नियमों का पालन करने का संदेश दिया गया है।