
अलीगंज तहसील सभागार में सचल न्यायालय का आयोजन, न्याय को आमजन तक आसान पहुंचाने और समय-खर्च बचाने पर दिया गया जोर
एटा। आमजन को सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने तथा छोटे-छोटे मामलों के निस्तारण के लिए बुधवार को तहसील अलीगंज के सभागार भवन में सचल न्यायालय (मोबाइल कोर्ट) का आयोजन किया गया। ग्राम न्यायालय अलीगंज के न्यायाधिकारी सचिन कुमार ने जिला जनपद न्यायाधीश राकेश्वर दुबे के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में मोबाइल कोर्ट का संचालन किया। इस दौरान वादकारियों को न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी देने के साथ उनके लंबित मामलों के निस्तारण की कार्रवाई की गई।
मोबाइल कोर्ट के आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को न्यायालय तक आसानी से पहुंच उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें छोटे-छोटे विवादों के समाधान के लिए जिला मुख्यालय अथवा अन्य न्यायालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इससे लोगों के समय और धन की बचत होने के साथ ही न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ भी कम किया जा सकेगा।
20 से 25 वादकारी पहुंचे, सात लंबित मामलों का निस्तारण
मोबाइल कोर्ट के आयोजन के दौरान करीब 20 से 25 वादकारी अपने वादों के निस्तारण के लिए उपस्थित हुए। इस दौरान न्यायालय में लंबित सात पत्रावलियों का पूर्ण रूप से निस्तारण कराया गया। मामलों के निस्तारण से संबंधित वादकारियों को राहत मिली। सचल न्यायालय में उपस्थित लोगों को बताया गया कि मोबाइल कोर्ट के माध्यम से स्थानीय स्तर पर न्यायिक प्रक्रिया को सरल बनाने और आमजन को शीघ्र न्याय दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
न्याय तक आसान पहुंच और समय-खर्च की बचत पर जोर
मोबाइल कोर्ट में मौजूद वादकारियों को इसके उद्देश्य और उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि सचल न्यायालय का उद्देश्य न्याय को आमजन की पहुंच तक लाना, कम खर्च में मामलों का त्वरित निस्तारण करना, न्यायालयों में लंबित मुकदमों का बोझ कम करना तथा लोगों को कानूनी अधिकारों और न्यायिक प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करना है। इस पहल से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को लाभ मिल सकता है।
प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने किया सहयोग
सचल न्यायालय के सफल एवं सुचारु संचालन के लिए उपजिलाधिकारी अलीगंज डॉ. शशि शेखर, तहसीलदार संजय सिंह, नायब तहसीलदार हिमांशु पाण्डेय सहित न्यायालय के कर्मचारीगण एवं पुलिसकर्मी उपस्थित रहे। सभी ने मोबाइल कोर्ट की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में सहयोग किया।
चार पराविधिक स्वयंसेवकों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
मोबाइल कोर्ट के सफल आयोजन के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव युगल चन्द्र चौधरी की ओर से चार पराविधिक स्वयंसेवकों (पीएलवी) विकास, अंजू, मंजू एवं पुष्पेन्द्र को नामित किया गया था। सभी स्वयंसेवक मोबाइल कोर्ट में मौजूद रहे और वादकारियों को आवश्यक जानकारी एवं सहयोग प्रदान किया। वादों के निस्तारण की प्रक्रिया में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मोबाइल कोर्ट के माध्यम से स्थानीय स्तर पर न्यायिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की इस पहल को आमजन के लिए उपयोगी बताया गया। इससे लोगों को न्याय पाने के लिए लंबी दूरी तय करने और अनावश्यक खर्च उठाने से राहत मिलने की उम्मीद है।
Leave a Reply