महिलाएं बोली बच्चों का अपहरण का शक होने पर छीना झपटी में गिरने से लगी चोट

पुलिस बोली एक लड़की के साथ खींचा तानी हो रही थी अपहरण का शक होने पर पुलिस कर्मियों ने तीनों को उठाया,

पूछताछ के दौरान स्पष्ट हुआ कि युवती अपने पिता को शराब पीने का विरोध कर रही थी

एटा। जैथरा कस्बा में काशीराम कालोनी की रहने वाले तीन नाबालिग किशोरों को सादा वर्दी पुलिस कर्मियों पर दविश मारकर उठाने का आरोप लगा है।धक्का मुक्की में दो महिलाएं घायल हुई है।इस घटना में दो महिलाएं घायल हुई है।इस दौरान महिलाओं ने अज्ञात पुलिस कर्मियों पर किशोरों से मारपीट करने जबरन गाड़ी में तीन किशोरों को उठाने का गंभीर आरोप लगाया है ।आरोप है कि धक्का मुक्की में महिलाएं गिर गई और धारदार वस्तु से वह घायल हो गई।वो

घायल महिला का आरोप है कि सफेद कार में सवार होकर सादा वर्दी में कुछ पुलिस कर्मी आए और हमारे नाबालिग बच्चों को गाड़ी में डालकर ले जाने लगे ।उनके साथ मारपीट की मैने कहा कि थाना इधर है ।आप इन्हें कहां लेकर का रहे हो तो गाली गलौज करने लगे ।थाने में बच्चों को बैठाए रखा।फिर छोड़ दिया।
काशीराम मोहल्ला निवासी अनमोल पुत्र महेंद्र 16 वर्ष ,अनिल पुत्र कमल सिंह उम्र 16 वर्ष ,शिवम पुत्र राजू उम्र 16 वर्ष को।उठाने का आरोप है।घायल महिलाओं ने पुलिस पर बर्बरता करने का आरोप लगाया है।गीता पत्नी महेंद्र के पैर में सरिया घुस गई,वही पूनम पुत्री रक्षपाल घायल हुई है जिन्होंने कार्यवाही की मांग की है।

घायल महिला पूनम ने जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार देर रात साढ़े नौ बजे सफेद कार में सवार लोग आए जो सिविल वर्दी में थे अपने आप को पुलिस बाला बता रहे थे ।सदा वर्दी में देख मुझे अपने बच्चों का अपहरण होने का शक हुआ ।छीना झपटी हुई ।उन्होंने हमारे बच्चों को कार में डाल कर ले गए और रास्ते में मारपीट की ।हमको थाने बुलाया बच्चों को थाने में बैठाए रखा फिर छोड़ दिया,जब हमने कारण पूछा तो गाली गलौज की ,हम चाहते है कि कार्यवाही की जाए।

घायल गीता ने जानकारी देते हुए बताया कि अपने आप को पुलिस वाले बता रहे थे थाने की बजाय और किसी रास्ते पर ले जा रहे थे धक्का मुक्की में पैर में कुछ घुस गया है।

मामले पर थाना प्रभारी सुनील कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस कर्मी सादा वर्दी में रेस्टोरेंट पर खाना खाने गए हुए थे।एक युवती और उसके पिता के साथ खींचा तानी हो रही थी पुलिस कर्मियों को अपहरण का शक हुआ।तीनों लड़कों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया।लड़की बोली पिता शराब पीने जा रहे थे जिसका मै विरोध कर रही थी मेरे साथ अपहरण की कोई घटना नहीं हुई ।पूछताछ के बाद युवकों को छोड़ा गया है।महिलाओं को चोट कैसे आई ये जांच का विषय है।आरोप निराधार हैं।