डीएम एम. अरुन्मोली की नई पहल, सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक अधिकारी कार्यालयों में बैठकर सुनेंगे जनसमस्याएं

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से लिया जवाब, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश

एटा। जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने जनसुनवाई व्यवस्था में नई पहल शुरू की है। अब जिला स्तरीय अधिकारी, उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी और नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अपने कार्यालय में मौजूद रहकर लोगों की शिकायतें सुनेंगे और उनके निस्तारण की कार्रवाई करेंगे।

शुक्रवार को जनता दर्शन के दौरान जिलाधिकारी ने इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाते हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने सामने जोड़ा। शिकायतकर्ता की मौजूदगी में संबंधित अधिकारी से उसकी समस्या और प्रकरण में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली गई। इसके बाद जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आवश्यक जांच कर शिकायत का प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।

जनता दर्शन में आने वाली शिकायतों पर अब जिलाधिकारी संबंधित तहसील, विकासखंड या विभाग के अधिकारी से सीधे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर रहे हैं। इससे शिकायत की वास्तविक स्थिति की जानकारी मौके पर ही मिल रही है और अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए तत्काल निर्देश दिए जा रहे हैं।

इस व्यवस्था का एक बड़ा लाभ यह है कि शिकायतकर्ताओं को अपनी समस्या के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिलाधिकारी के सामने ही संबंधित अधिकारी से जवाब-तलब होने और कार्रवाई के निर्देश मिलने से शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक प्रकरण की जांच कर शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों को केवल औपचारिकता के तौर पर न लिया जाए, बल्कि उनके निस्तारण की प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।