एटा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विकासखंड मारहरा की ग्राम पंचायत सरनऊ के उचित दर विक्रेता के खिलाफ कठोर कदम उठाए हैं। राशन वितरण और स्टॉक में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर राशन डीलर का लाइसेंस निलंबित करने तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि प्राप्त शिकायतों के आधार पर प्रशासनिक टीम ने सरनऊ स्थित उचित दर दुकान का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान ई-पॉस मशीन, स्टॉक रजिस्टर, वितरण अभिलेख और गोदाम में उपलब्ध खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में खाद्यान्न वितरण में अनियमितता, स्टॉक में भारी अंतर तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई।

जांच रिपोर्ट के आधार पर सक्षम अधिकारी ने उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु (विनियमन) आदेश, 2016 के तहत उचित दर दुकान का लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की है। साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।

डीएम अरविन्द सिंह ने स्पष्ट कहा कि गरीब और पात्र लाभार्थियों के खाद्यान्न में किसी भी प्रकार की हेराफेरी, कालाबाजारी या अनियमितता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने खाद्य एवं पूर्ति विभाग के अधिकारियों को जनपद की सभी उचित दर दुकानों का नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी कि कहीं भी गड़बड़ी मिलने पर संबंधित राशन विक्रेता के विरुद्ध तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से राशन उपलब्ध हो सके।