
एटा। नशा केवल शराब, तंबाकू और अन्य मादक पदार्थों तक सीमित नहीं है, बल्कि मोबाइल फोन और सोशल मीडिया की बढ़ती लत भी युवाओं की दिनचर्या, स्वास्थ्य और सोच को प्रभावित कर रही है। इसी संदेश को लेकर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय अलीगंज की ओर से युवाओं को नशे और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली से दूर रखने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
छह से 20 अगस्त तक चल रहे 10 करोड़ नशामुक्त भारत महाअभियान के तहत विद्यालयों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत जनता इंटर कॉलेज कैलठा, गौतम बुद्ध इंटर कॉलेज और डीएवी इंटर कॉलेज अलीगंज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
शराब-तंबाकू के साथ मोबाइल की लत पर भी चेताया
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को शराब, तंबाकू और अन्य मादक पदार्थों से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल, सोशल मीडिया पर लगातार रील बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति और जंक फूड के अत्यधिक सेवन को लेकर भी विद्यार्थियों को सावधान किया गया।
कार्यक्रम में गीत के माध्यम से भी नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया गया। ‘जीना है तो शराब मत पीना…’ जैसे संदेशपरक गीत के माध्यम से विद्यार्थियों को समझाया गया कि नशे की शुरुआत भले ही छोटी आदत के रूप में हो, लेकिन धीरे-धीरे यह व्यक्ति के स्वास्थ्य, व्यवहार, सोच और पारिवारिक जीवन को प्रभावित कर सकती है।
जागरूकता वीडियो दिखाकर समझाए दुष्प्रभाव
विद्यार्थियों को जागरूकता वीडियो भी दिखाए गए। इसमें अस्वास्थ्यकर खान-पान और गलत जीवनशैली से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों से स्वस्थ खान-पान अपनाने, नियमित दिनचर्या रखने और मोबाइल तथा सोशल मीडिया का सीमित एवं उपयोगी इस्तेमाल करने का आह्वान किया गया।
शिक्षक और अभिभावक निभाएं अहम भूमिका
जनता इंटर कॉलेज कैलठा के प्रधानाचार्य डॉ. डीके सिंह ने कहा कि युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों में मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल और सोशल मीडिया पर रील बनाने की होड़ को लेकर अभिभावकों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। बच्चों को समय रहते सही दिशा देने में शिक्षक और अभिभावक दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
राजयोग से सकारात्मक दिशा में बढ़ने का संदेश
बीके रागिनी बहन ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि इससे परिवार और समाज भी प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि राजयोग ध्यान के माध्यम से मन को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है और व्यक्ति बुरी आदतों से बाहर निकलने का प्रयास कर सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों को दिलाई नशामुक्त जीवन की शपथ
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और शिक्षकों को नशामुक्त जीवन जीने की शपथ दिलाई गई। इस दौरान बीके संगीता बहन, बीके पुष्पा बहन, बीके घनश्याम भाई सहित संस्था के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
अभियान के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने के साथ स्वस्थ शरीर, सकारात्मक सोच, अनुशासित दिनचर्या और संयमित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। आयोजकों ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता और सकारात्मक वातावरण तैयार करना सामूहिक जिम्मेदारी है।
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