एटा। उत्तर प्रदेश सरकार की महिला कल्याण, बाल विकास एवं पोषण मंत्री और पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य बुधवार को एटा दौरे पर पहुंचीं। इस दौरान जिलाधिकारी अरविंद सिंह द्वारा फोन रिसीव नहीं किए जाने को लेकर मंत्री नाराज हो गईं। कार्यक्रम से पहले कलेक्ट्रेट परिसर में मंत्री और जिलाधिकारी के बीच हुई बातचीत का वीडियो गुरुवार को सामने आया है, जिसमें मंत्री डीएम से फोन नहीं उठाने को लेकर नाराजगी जताती नजर आ रही हैं।

मंत्री बेबी रानी मौर्य बुधवार को सरकार की मातृ शक्ति निःशुल्क यात्रा योजना और रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को दी गई निःशुल्क बस यात्रा की सौगात से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने एटा पहुंची थीं। कार्यक्रम से पहले कलेक्ट्रेट परिसर में मंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाना था।

जैसे ही जिलाधिकारी अरविंद सिंह मंत्री के स्वागत के लिए आगे बढ़े और परिचय देने के बाद उन्हें गुलदस्ता भेंट करने का प्रयास किया, उसी दौरान मंत्री ने डीएम के फोन नहीं उठाने को लेकर नाराजगी जाहिर कर दी। उन्होंने गुलदस्ता लेने से इनकार कर दिया। मंत्री के तेवर देखकर जिलाधिकारी ने गुलदस्ता वापस अपनी ओर खींच लिया।

वीडियो में मंत्री बेबी रानी मौर्य जिलाधिकारी से कहती सुनाई दे रही हैं कि “गलत बात है, ये नहीं चलेगा। आप फोन ही नहीं उठा रहे हैं। हम आपसे पूछना चाह रहे हैं कि क्या व्यवस्थाएं हैं, आप बात ही नहीं कर रहे हमसे।”

मंत्री की नाराजगी के बाद जिलाधिकारी सफाई देने का प्रयास करते नजर आए। इस दौरान डीएम ने कार्यक्रम के समय को लेकर कुछ कहने का प्रयास किया, लेकिन मंत्री ने उनसे स्पष्ट तौर पर नाराजगी जताई।

मंत्री ने यहां तक कहा कि वह इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि “ऐसा नहीं होता है, मुख्यमंत्री जी को लिख दूं?” इसके बाद उन्होंने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए डीएम से फोन पर संपर्क नहीं करने को लेकर सवाल किया।

वीडियो में मंत्री यह कहते हुए भी नजर आती हैं कि “आप फोन नहीं करेंगे हमे, आप प्रोटोकॉल में हमसे बड़े हैं, इसलिए हमसे बात नहीं करेंगे। हमारा पीए बार-बार फोन कर रहा है आपको।”

मंत्री के सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताने के दौरान जिलाधिकारी असहज स्थिति में दिखाई दिए और वह अपनी ओर से स्पष्टीकरण देने का प्रयास करते नजर आए। हालांकि, मंत्री की नाराजगी के बाद वह आगे बढ़ गईं।

मामले का वीडियो गुरुवार को सामने आने के बाद यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। वीडियो में मंत्री और जिलाधिकारी के बीच हुई बातचीत के दौरान प्रोटोकॉल, फोन कॉल और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।