मां का दावा—पेप्सी में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिलाया; डायल 112 पर सूचना के बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया, ग्रामीणों पर मारपीट का भी आरोप

एटा। थाना जैथरा क्षेत्र के नगला गजपति गांव में बच्चे प्रियांशु की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मृतक की मां ने गांव के दो सगे भाइयों राजू और सुनील कुमार पर पेप्सी में जहरीला पदार्थ मिलाकर बच्चे को पिलाने का आरोप लगाया है। रविवार सुबह दोनों भाइयों के बीच हुए विवाद के दौरान कथित तौर पर घटना से जुड़ी बात सामने आने के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। डायल 112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

परिजनों के मुताबिक, प्रियांशु की तबीयत पांच अक्टूबर को अचानक बिगड़ गई थी। उसे अलीगंज के एक निजी अस्पताल में दिखाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने उसे रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन बच्चे को दिल्ली स्थित कलावती अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां उपचार के दौरान सात अक्टूबर की रात करीब नौ बजे उसकी मौत हो गई थी।

दो भाइयों के विवाद में सामने आया बच्चे को पेप्सी पिलाने का आरोप

मृतक की मां श्रीमती देवी का आरोप है कि राजू और सुनील के बीच करीब दो दिन पहले विवाद हुआ था। उस दौरान उनकी सास ने बीच-बचाव किया था। मां के अनुसार, रविवार सुबह दोनों भाइयों के बीच दोबारा विवाद हुआ तो कथित तौर पर एक भाई ने बच्चे को पेप्सी में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिलाने की बात बताई। आरोप है कि प्रियांशु को घर बुलाकर पेप्सी पिलाई गई थी और इसका असर एक-दो दिन में होने की बात कही गई थी।

परिजनों का कहना है कि विवाद के दौरान सामने आई इस कथित जानकारी के बाद उन्हें बच्चे की मौत को लेकर संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने आरोपी बताए जा रहे दोनों भाइयों को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। बताया जा रहा है कि इस दौरान ग्रामीणों ने एक आरोपी के साथ मारपीट भी की।

अस्पताल में जहर के लक्षण बताए जाने का दावा

परिजनों के मुताबिक, दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान चिकित्सकों ने बच्चे में जहर के लक्षण होने की आशंका जताई थी। डॉक्टरों ने यह भी पूछा था कि कहीं बच्चे को सांप ने तो नहीं डंसा है। हालांकि, उस समय परिजनों को किसी साजिश का संदेह नहीं हुआ था।

परिजनों के अनुसार, आठ अक्टूबर को बच्चे के शव को गांव लाया गया था। बाद में गांव के पास तालाब के समीप शव को दफना दिया गया। अब घटना के कई दिन बाद जहर देकर हत्या किए जाने का आरोप सामने आने से मामला संदिग्ध हो गया है। हालांकि, जहरीला पदार्थ दिए जाने और उससे बच्चे की मौत होने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर शुरू की पूछताछ

जैथरा थानाध्यक्ष सुनील वर्मा ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। ग्रामीणों के माध्यम से सुनील और राजू को पूछताछ के लिए थाने लाया गया है। दोनों का मेडिकल परीक्षण भी कराया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।