राजा का रामपुर के पुष्पेंद्र उर्फ भोला को पॉक्सो एक्सक्लूसिव कोर्ट ने दोषी ठहराया, एससी/एसटी एक्ट की धारा में साक्ष्य के अभाव में बरी

एटा। थाना राजा का रामपुर क्षेत्र में वर्ष 2024 में नाबालिग के साथ कुकर्म के मामले में पॉक्सो एक्सक्लूसिव कोर्ट, एटा ने अभियुक्त पुष्पेंद्र उर्फ भोला पुत्र शिववीर सिंह थाना राजा का रामपुर को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 73 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी के बाद आया है।

पुलिस के अनुसार, 19 जून 2024 को पीड़ित की मां ने थाना राजा का रामपुर में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि गांव के ही पुष्पेंद्र उर्फ भोला ने उसके नाबालिग पुत्र को बहला-फुसलाकर खेत की ओर ले जाकर उसके साथ गलत काम किया। विरोध करने पर आरोपी ने बच्चे को धमकी भी दी थी। तहरीर के आधार पर थाना राजा का रामपुर में मु0अ0सं0 36/2024 धारा 377, 504, 506 आईपीसी, धारा 5(एम) सहपठित धारा 6 पॉक्सो एक्ट तथा धारा 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

नाबालिग पीड़ित की गवाही समेत कई साक्ष्य बने आधार

मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़ित के बयान, चिकित्सीय परीक्षण, विद्यालयी अभिलेखों से आयु संबंधी प्रमाण, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य और अन्य दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए।

अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने न्यायालय में पक्ष रखते हुए उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त को दोषी ठहराए जाने की मांग की। वहीं बचाव पक्ष की ओर से आरोपों से इनकार करते हुए गवाहों के बयानों में विरोधाभास होने का तर्क दिया गया।

न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद अभियोजन पक्ष को धारा 377, 504, 506 आईपीसी तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एम) सहपठित धारा 6 के आरोप संदेह से परे साबित करने में सफल माना।

एससी/एसटी एक्ट की धारा में नहीं साबित हो सका आरोप

न्यायालय के निर्णय में अभियुक्त को एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(5) के आरोप से साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया गया है। हालांकि, कुकर्म और पॉक्सो एक्ट से संबंधित आरोप न्यायालय में सिद्ध पाए गए, जिसके आधार पर अभियुक्त को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हुई प्रभावी पैरवी

एटा पुलिस के मुताबिक, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा के निर्देशन में मुकदमे को पैरवी के लिए चिन्हित किया गया था। मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा ने न्यायालय में लगातार प्रभावी पैरवी की। विवेचक ने भी साक्ष्य संकलन करते हुए आरोप पत्र 30 जुलाई 2024 को न्यायालय में दाखिल किया था।

इसी प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप पॉक्सो एक्सक्लूसिव कोर्ट, एटा ने अभियुक्त पुष्पेंद्र उर्फ भोला को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 73,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। पुलिस ने इसे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत अभियोजन की प्रभावी पैरवी से मिली महत्वपूर्ण सफलता बताया है।