
डीएम एम. अरुन्मोली ने कहा- कोई क्षेत्र, परिवार या मकान गणना से न छूटे; प्रशिक्षण और फील्ड कार्य की प्रभावी निगरानी के निर्देश
एटा। भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना की तैयारियों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी एम. अरुन्मोली की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कार्मिकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण और जनगणना कार्य के सफल संचालन की तैयारियों की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को जनगणना कार्य में पूरी पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और विकास संबंधी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित मानकों के अनुसार गंभीरता से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी क्षेत्र, परिवार या मकान गणना से छूटना नहीं चाहिए और संकलित आंकड़े पूरी तरह सटीक एवं विश्वसनीय होने चाहिए।
16 नवंबर से शुरू होगी स्वगणना
बैठक में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की समय-सारिणी की जानकारी दी गई। इसके अनुसार स्वगणना 16 से 30 नवंबर 2026, जनसंख्या गणना एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक तथा रिवीजनल राउंड पांच से नौ जनवरी 2027 तक निर्धारित किया गया है।
डीएम ने निर्देश दिए कि सभी तैयारियां निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार पूरी की जाएं। कार्मिकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण और फील्ड विजिट में किसी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
68 फील्ड ट्रेनर होंगे तैनात
जिला जनगणना अधिकारी ने बताया कि जनपद में 68 फील्ड ट्रेनर चयनित किए गए हैं। इनके माध्यम से प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। फील्ड ट्रेनरों के दो बैचों का प्रशिक्षण 7 से 9 अक्टूबर और 14 से 16 अक्टूबर 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रस्तावित है। इसके बाद प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का तहसील स्तर पर अक्टूबर-नवंबर में प्रशिक्षण कराया जाएगा।
डीएम ने कहा कि जनगणना के दौरान 40 से अधिक बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जानी है। इसलिए प्रशिक्षण में प्रत्येक बिंदु और कार्यप्रणाली को व्यावहारिक रूप से समझाया जाए। फील्ड में आने वाली संभावित परिस्थितियों की जानकारी भी कार्मिकों को दी जाए।
पूर्व अनुभव का मिलेगा लाभ
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रथम चरण में जिन प्रगणकों और संबंधित कार्मिकों ने जिस ब्लॉक या क्षेत्र में काम किया है, संभव प्रयास किया जाए कि द्वितीय चरण में भी उन्हें उसी क्षेत्र में जिम्मेदारी दी जाए। इससे स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी और पूर्व अनुभव का लाभ जनगणना कार्य में मिल सकेगा।
बैठक में प्रथम चरण में बनाए गए 850 से अधिक जनसंख्या वाले एचएलबी के विभाजन और चार्ज स्तर पर उनके सत्यापन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि चार्ज अधिकारियों द्वारा एचएलबी की जनसंख्या और मानचित्र के आधार पर सत्यापन कर उन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है।
डीएम ने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की भूमिका महत्वपूर्ण है। सभी अधिकारी आपसी समन्वय से काम करते हुए यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार तैयारियां पूरी हों और जनगणना में शत-प्रतिशत कवरेज, पारदर्शिता एवं सटीकता बनी रहे।
बैठक में जिला जनगणना अधिकारी/एडीएम वित्त एवं राजस्व चंद्र प्रकाश पाठक, सीडीओ राजेंद्र प्रसाद मिश्र, सभी एसडीएम, तहसीलदार, बीएसए, बीडीओ, बीईओ, नगरीय निकायों के अधिशासी अधिकारी, मास्टर ट्रेनर, तकनीकी सहायक सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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