गोदाम परिसर में परिवार का निवास, पशुपालन और भूसा मिलने से अधिकारियों ने जताई गंभीर चिंता

सकीट। क्षेत्र के ग्राम जहांगीराबाद के समीप स्थित सेठ जी पटाखे वाले भंडारण गोदाम पर शुक्रवार को प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त रूप से छापेमार निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों में कई खामियां मिलने तथा लाइसेंस में निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक पटाखों का स्टॉक पाए जाने पर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गोदाम को बंद कर ताला लगवा दिया। मौके पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया।

शुक्रवार को सकीट-औंछा मार्ग से जुड़े जहांगीराबाद क्षेत्र में स्थित पटाखा गोदाम पर उपजिलाधिकारी श्वेता सिंह, क्षेत्राधिकारी नीतीश गर्ग, सीएफओ प्रशांत सिंह राणा तथा थाना प्रभारी मधु दुबे पुलिस व अग्निशमन विभाग की टीम के साथ पहुंचे।

अधिकारियों ने गोदाम में सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों, आबादी से गोदाम की दूरी और पटाखों के भंडारण संबंधी मानकों की बारीकी से जांच की। निरीक्षण के दौरान गोदाम परिसर में कई गंभीर खामियां सामने आईं।

बताया गया कि गोदाम की चारदीवारी के अंदर परिवार निवास करता हुआ पाया गया। इसके अलावा परिसर में गाय-भैंसों का पालन तथा भूसा आदि भी रखा हुआ मिला। अधिकारियों ने इसे सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर स्थिति मानते हुए चिंता जताई, क्योंकि पटाखों के बड़े स्टॉक के बीच इस प्रकार की गतिविधियां किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।

निरीक्षण के दौरान गोदाम में रखे पटाखों की तौल भी कराई गई। संचालक के अनुसार उसके पास करीब 500 किलोग्राम पटाखों के भंडारण का लाइसेंस है, जबकि मौके पर निर्धारित क्षमता से काफी अधिक स्टॉक पाए जाने की बात सामने आई। अधिकारियों ने वास्तविक स्टॉक की जांच कराई।

क्षमता से अधिक पटाखों का भंडारण मिलने और सुरक्षा मानकों में खामियां पाए जाने पर अधिकारियों ने तत्काल गोदाम पर ताला लगवा दिया। साथ ही किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मौके पर पुलिस ड्यूटी लगा दी गई।

अचानक प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई से क्षेत्र में हलचल मच गई। पुलिस फोर्स के साथ अधिकारियों द्वारा की गई जांच को देखने के लिए आसपास के लोगों में भी उत्सुकता बनी रही।

प्रशासनिक अधिकारियों ने अग्निशमन उपकरणों की स्थिति की भी जांच की और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को परखा। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और उच्चाधिकारियों के निर्देशों के आधार पर किए जाने की संभावना है।