घर में घुसकर मारपीट, जेवर-नकदी ले जाने और जान से मारने की धमकी का आरोप; न्यायालय के आदेश पर जसरथपुर पुलिस की कार्रवाई

एटा। थाना जसरथपुर क्षेत्र के जटोराभान गांव निवासी व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस ने दरोगा समेत चार लोगों के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज, जेवरात और नकदी ले जाने तथा जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 351(3) और 352 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

जटोराभान निवासी लालता प्रसाद ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके पुत्र नरेंद्र की शादी 10 फरवरी 2026 को फर्रुखाबाद जनपद के नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव सिला निवासी रामलखन की पुत्री रेखा के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से रेखा के मामा दिनेश चंद्र विवाह से खुश नहीं थे और परिवार के लोगों को धमकाते रहते थे। प्रार्थना पत्र में दिनेश चंद्र के पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक पद पर तैनात होने की बात कही गई है।

पीड़ित के अनुसार, 10 मई 2026 की सुबह करीब 8:30 से 9 बजे के बीच रामलखन, बीबी, अतुल और दिनेश चंद्र समेत अन्य लोग फॉर्च्यूनर गाड़ी से उसके घर पहुंचे। आरोप है कि घर में पहुंचते ही आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। विरोध करने पर लात-घूंसों से पीटने का आरोप लगाया गया है। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और बीच-बचाव कर पीड़ित को बचाया।

प्रार्थना पत्र में लालता प्रसाद ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान उसकी पुत्रवधू अर्चना घर में रखे सोने के जेवरात और करीब 20 हजार रुपये की नकदी लेकर चली गई। आरोपों के मुताबिक जेवरात में पायल, मंगलसूत्र, सोने की चूड़ियां, अंगूठियां, माथे का टीका और गले का हार आदि शामिल हैं। पीड़ित ने आरोपियों पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।

पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद उसने 11 मई को थाना जसरथपुर में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा को भी प्रार्थना पत्र दिया गया। पुलिस स्तर से कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की।

न्यायालय के आदेश के बाद थाना जसरथपुर पुलिस ने दरोगा समेत चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस घटना से जुड़े आरोपों, गवाहों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। मुकदमे में लगाए गए आरोपों की पुष्टि विवेचना पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।