
एटा। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत नगर पंचायत राजा का रामपुर में मंगलवार को ‘जल संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के संरक्षण और जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में नगर पंचायत अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता कर जल संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी कृष्ण प्रताप सरल ने किया। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और वर्तमान समय में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है। ऐसे में वर्षा की प्रत्येक बूंद को सहेजना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने घर, संस्थान और सार्वजनिक स्थलों पर वर्षा जल संचयन की व्यवस्था अपनाए तो भविष्य में जल संकट की गंभीर समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित न रहे, बल्कि इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए। उन्होंने बताया कि छतों से गिरने वाले वर्षा जल का संचयन, पुराने तालाबों और कुओं का संरक्षण, जलाशयों की नियमित सफाई तथा जल के अनावश्यक दोहन पर रोक जैसे उपाय जल सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
कार्यक्रम के दौरान अधिशासी अधिकारी ने नगर पंचायत के समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उपस्थित नागरिकों को ‘जल शपथ’ दिलाई। सभी ने संकल्प लिया कि वे जल का दुरुपयोग नहीं करेंगे, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देंगे, जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाएंगे तथा अपने आसपास के लोगों को भी जल संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे।
कार्यक्रम में जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद भी किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने अपने सुझाव दिए और जल बचाने के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा की। नगर पंचायत की ओर से लोगों से अपने घरों और प्रतिष्ठानों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था विकसित करने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर मुनीश कुमार, हरिचन्द्र, गजेंद्र, मनोज कुमार, विशम्भर, अनिल कुमार सहित नगर पंचायत के कर्मचारी, सभासद एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
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