कृषि योजनाओं की समीक्षा बैठक में किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाने पर जोर, फसल बीमा दावों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

एटा। किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों और नई तकनीकों से जोड़ने के लिए जिले में संचालित कस्टम हायरिंग सेंटरों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन केंद्रों पर उपलब्ध कृषि यंत्रों की जानकारी किसानों तक आसानी से पहुंचे और उपकरणों के उपयोग की नियमित निगरानी की जाए।

विकास भवन स्थित शताक्षी सभागार में रविवार को सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (SAME) योजनांतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए आत्मा गवर्निंग बोर्ड की बैठक एवं कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने की।

बैठक में कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र किसानों तक योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाया जाए और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, नवाचार तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाए।

कस्टम हायरिंग सेंटरों पर प्रदर्शित होगी कृषि यंत्रों की जानकारी

जिलाधिकारी ने कस्टम हायरिंग सेंटरों को मजबूत करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक सेंटर पर उपलब्ध कृषि यंत्रों और उपकरणों की जानकारी से संबंधित फ्लेक्स एवं पोस्टर लगाए जाएं, ताकि किसानों को आसानी से पता चल सके कि कौन-कौन से यंत्र उपलब्ध हैं।

उन्होंने कहा कि सेंटरों पर मौजूद कृषि उपकरणों का कितनी बार उपयोग किया जा रहा है, इसकी नियमित जानकारी जिला कृषि कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सेंटर प्रतिनिधियों के मोबाइल नंबर हमेशा सक्रिय रहने चाहिए, जिससे किसान आवश्यकता पड़ने पर कृषि यंत्रों की उपलब्धता और उनके उपयोग के संबंध में तत्काल जानकारी प्राप्त कर सकें।

जिलाधिकारी ने आधुनिक कृषि उपकरणों की उपयोगिता और संचालन के बारे में किसानों को व्यापक रूप से जानकारी देने पर भी जोर दिया।

प्रगतिशील किसान अन्य राज्यों में लेंगे आधुनिक खेती का प्रशिक्षण

बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद के अग्रणी और प्रगतिशील किसानों को प्रशिक्षण एवं कृषि मेलों में भाग लेने के लिए अन्य प्रदेशों में भेजने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में जाकर किसान नवीनतम कृषि तकनीकों, आधुनिक खेती की पद्धतियों और कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को समझ सकेंगे। इसके बाद वे इन तकनीकों और अनुभवों को जिले के अन्य किसानों तक पहुंचाने में भी मदद करेंगे।

दलहनी फसलों और फसल विविधीकरण पर विशेष जोर

जिलाधिकारी ने किसानों को दलहनी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने और फसल विविधीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ ऐसी फसलों की ओर भी प्रेरित किया जाए, जिनसे कृषि आय और उत्पादन क्षमता में सुधार हो सके।

पराली जलाने के बजाय खाद बनाने के लिए करें प्रेरित

बैठक में पराली प्रबंधन को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को पराली जलाने के बजाय उसका खेतों में ही उचित प्रबंधन कर खाद के रूप में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाए।

उन्होंने कहा कि इससे एक ओर मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

कृषि सखियों के माध्यम से बढ़ेगी प्राकृतिक खेती

जिलाधिकारी ने कृषि सखियों के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही कृषि क्षेत्र में उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि किसानों तक योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी पहुंचाने में कृषि सखियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

फसल बीमा दावों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने फसल बीमा प्रतिनिधि से किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे बीमा लाभ और फसल क्षति के दावों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि फसल क्षति की स्थिति में नियमानुसार तत्काल आकलन कराया जाए और पात्र किसानों को समयबद्ध रूप से क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराई जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि निर्धारित प्रीमियम जमा करने वाले किसान की फसल को नुकसान होने पर संबंधित बीमा कंपनी का दायित्व है कि नियमों के अनुसार क्षति का शीघ्र आकलन कर देय क्षतिपूर्ति का भुगतान सुनिश्चित करे।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों को प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य कारणों से होने वाली फसल क्षति से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

फसल बीमा भुगतान के सत्यापन के लिए बनेगी समिति

जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए। समिति में जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, उप निदेशक कृषि और जिला कृषि अधिकारी को शामिल किया जाएगा।

यह समिति किसानों को फसल बीमा के अंतर्गत किए गए भुगतानों का सत्यापन करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि पात्र किसानों को नियमानुसार बीमा योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।

योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे अधिक से अधिक पात्र किसान सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।

उन्होंने कृषि क्षेत्र में नवाचार, आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती और वैज्ञानिक पद्धतियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, उप निदेशक कृषि सुमित कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.पी. शर्मा, जिला अग्रणी प्रबंधक सौरभ वर्मा, जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह, उद्यान विभाग से सुनील कुमार सहित जनपद के प्रगतिशील किसान, कृषि सखी, एफपीओ प्रतिनिधि एवं अन्य कृषक बंधु मौजूद रहे।