
मंडलायुक्त ओम प्रकाश आर्य ने उद्योग विभाग और निर्माणाधीन परियोजनाओं का किया निरीक्षण, दिसंबर के प्रथम सप्ताह में राज्य कर कार्यालय भवन हस्तांतरित करने के निर्देश
संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की समस्याएं सुनीं, अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
एटा। अलीगढ़ मंडलायुक्त ओम प्रकाश आर्य ने शनिवार को जनपद के एक दिवसीय भ्रमण के दौरान विभिन्न कार्यालयों एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने तहसील एटा में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता कर फरियादियों की समस्याएं सुनीं। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उद्योग विभाग का निरीक्षण, योजनाओं की ली जानकारी
मंडलायुक्त ने सबसे पहले उपायुक्त उद्योग कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने हेल्पलाइन पर उपलब्ध सेवाओं तथा विभिन्न पटलों पर कार्यरत सहायकों से विभागीय योजनाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर आने वाले लोगों को योजनाओं से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना सहित विभिन्न ऋण योजनाओं के तहत ऋण वितरण की स्थिति, लाभार्थियों को मिल रही सुविधाओं और योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। मंडलायुक्त ने कहा कि योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों से नियमित फीडबैक लिया जाए और यह भी देखा जाए कि योजना का लाभ मिलने के बाद उनके व्यवसाय तथा आर्थिक स्थिति में कितना सकारात्मक बदलाव आया है।
उन्होंने कार्यालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था लागू करने और बीट/आगंतुक रजिस्टर बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग सरकारी योजनाओं से जुड़ सकें।

लाभार्थियों के प्रतिष्ठानों की जांच के निर्देश
मंडलायुक्त ने उपायुक्त उद्योग को योजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग करने तथा लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापित करने के इच्छुक लोगों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। योजनाओं का लाभ प्राप्त कर चुके लाभार्थियों के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उनके द्वारा वास्तव में व्यवसाय संचालित किया जा रहा है।
जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने मंडलायुक्त को बताया कि जनपद में लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों की काफी संभावनाएं हैं। उद्योगों के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित कराने को लेकर संबंधित गैस एजेंसी से वार्ता किए जाने की जानकारी भी दी गई।
मंडलायुक्त ने कहा कि उद्यमियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने बैंकों की भूमिका को प्रभावी बनाने तथा ऋण से संबंधित मामलों के त्वरित निस्तारण पर भी जोर दिया।
राज्य कर कार्यालय भवन का किया निरीक्षण
इसके बाद मंडलायुक्त ने एआरटीओ कार्यालय के पास निर्माणाधीन मंडल स्तरीय राज्य कर कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण की प्रगति और गुणवत्ता की जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप ही कराया जाए।
कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि ने बताया कि बजट देर से जारी होने के कारण परियोजना की समयसीमा दिसंबर तक बढ़ाई गई है। इस पर मंडलायुक्त ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि भवन का निर्माण पूरा कर दिसंबर के प्रथम सप्ताह में राज्य कर विभाग को हस्तांतरित करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की वित्तीय या अन्य समस्या सामने आ रही हो तो तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाए, ताकि शासन स्तर पर आवश्यक पत्राचार किया जा सके।

कम्युनिटी सेंटर निर्माण में गुणवत्ता पर जोर
मंडलायुक्त ने मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत नगर पालिका परिषद एटा द्वारा निर्माणाधीन कम्युनिटी सेंटर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर कॉलम और पिलर के कार्य की स्थिति देखी और संबंधित कार्यदायी संस्था के सक्षम अभियंता को मौके पर तैनात रहकर निर्माण कार्य की बारीकी से निगरानी कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों और गुणवत्ता से किसी भी स्थिति में समझौता न किया जाए। अभियंता द्वारा नियमित निरीक्षण करने के बाद अपनी संस्तुति भी उपलब्ध कराई जाए।
संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की सुनी समस्याएं
निरीक्षण के बाद मंडलायुक्त ने तहसील एटा में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि किसी फरियादी को अपनी शिकायत के समाधान के लिए बार-बार तहसील, थाना अथवा अन्य सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिकायत को पहली बार में ही गंभीरता से सुनकर समस्या को समझा जाए और प्रभावी कार्रवाई की जाए।
इस दौरान जिलाधिकारी अरविंद सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इलामारन ने भी फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
भ्रमण के दौरान संयुक्त विकास आयुक्त मंसाराम यादव, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अजय नारायण सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक रमेश मौर्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद मिश्र, उप जिलाधिकारी सदर श्वेता सिंह सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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