डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी-यूपीआई फ्रॉड और फर्जी निवेश एप के प्रति किया सतर्क, ठगी होने पर 1930 पर शिकायत करने की दी सलाह
एटा। साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आमजन को ऑनलाइन ठगी से बचाने के उद्देश्य से शनिवार को थाना राजा का रामपुर की साइबर टीम ने कस्बे में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान लोगों को डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी और यूपीआई फ्रॉड, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली ठगी तथा फर्जी निवेश और लोन एप से जुड़े साइबर अपराधों के बारे में जानकारी देकर सतर्क किया गया।
यह अभियान पुलिस महानिदेशक, साइबर क्राइम मुख्यालय, उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देशों, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित 52वीं प्रगति बैठक और मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुपालन में चलाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा की ओर से सात अक्टूबर को आयोजित बैठक में दिए गए निर्देशों के क्रम में थाना राजा का रामपुर की साइबर टीम ने लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया।
अभियान के दौरान साइबर टीम ने लोगों को बताया कि अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी और यूपीआई पिन साझा नहीं करना चाहिए। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान एप डाउनलोड करने या लालच देने वाले निवेश प्रस्तावों पर भरोसा करने से बचना चाहिए। ऑनलाइन ठगी करने वाले लोग विभिन्न तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनकी जमा पूंजी हड़प लेते हैं।
टीम ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराकर रुपये ऐंठने वाले साइबर अपराधियों से भी सतर्क रहने की अपील की। लोगों को बताया गया कि किसी भी संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन धमकी से घबराकर जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर न करें और अपनी व्यक्तिगत या बैंक संबंधी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें।
ठगी होने पर तत्काल करें शिकायत
साइबर अपराध का शिकार होने पर पीड़ित को बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराने के लिए जागरूक किया गया। अभियान के दौरान बैनर, पंपलेट, स्टीकर और अन्य प्रचार सामग्री के माध्यम से लोगों तक साइबर सुरक्षा से संबंधित जरूरी जानकारियां पहुंचाई गईं।
पुलिस की ओर से साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने का अभियान लगातार जारी रखने की बात कही गई, ताकि लोग सतर्क रहकर अपनी मेहनत की कमाई को ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रख सकें।
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