
48 घंटे से लगातार बारिश से पुराने मकानों पर मंडराया खतरा, गली में मलबा भरने से आवागमन बाधित
एटा। विकासखंड अलीगंज क्षेत्र में पिछले 48 घंटे से लगातार हो रही बारिश के चलते पुराने और जर्जर मकान अब धराशायी होने लगे हैं। ग्राम बिल्सड़ में देर रात बारिश के कारण दो पुराने जर्जर मकान अचानक भरभराकर गिर गए। मकान गिरने से घरों में रखा हजारों रुपये का सामान मलबे में दबकर खराब हो गया। गनीमत रही कि हादसे के समय दोनों मकानों के अंदर कोई मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में लगातार बारिश के चलते जमीन में नमी बढ़ गई है। इसी बीच लंबे समय से जर्जर हालत में खड़े मकानों पर भी बारिश का असर दिखाई देने लगा है। देर रात राजेश दीक्षित और राकेश दीक्षित पुत्र राजकुमार का पुराना जर्जर मकान अचानक धराशायी हो गया। मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए।
मकान के मलबे में घर का सामान दब गया, जिससे परिवार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर मलबे में दबे सामान को बाहर निकालने का प्रयास किया।
इसी दौरान गांव में राम शंकर पांडेय पुत्र जमादार पांडेय का भी पुराना मकान देर रात तेज बारिश के चलते गिर गया। मकान गिरने से उसमें रखा घरेलू सामान मलबे के नीचे दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। अचानक मकान गिरने से परिवार में अफरा-तफरी मच गई।

मलबे से गली बंद, ग्रामीण कर रहे रास्ता खोलने का प्रयास
दोनों मकानों के गिरने के बाद बड़ी मात्रा में मलबा गली में जा गिरा, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। इससे ग्रामीणों के आवागमन में भी परेशानी हो रही है। ग्रामीण एकजुट होकर मलबा हटाकर रास्ता खोलने का प्रयास कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण गांव में कई पुराने और जर्जर मकान खतरे की स्थिति में पहुंच गए हैं। ऐसे मकानों में रहने वाले परिवारों में भी हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में जर्जर मकानों का सर्वे कराकर प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
गनीमत रही कि दोनों मकान देर रात उस समय गिरे जब उनके अंदर कोई मौजूद नहीं था। यदि परिवार के लोग मकान के अंदर होते तो गंभीर हादसा हो सकता था। लगातार बारिश को देखते हुए ग्रामीणों ने जर्जर भवनों को लेकर प्रशासन से सतर्कता बरतने की मांग की है।
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