एटा। श्री पंचायती दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण पर्व के चौथे दिन श्री 1008 पुष्पदंत नाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान के चरणों में 101 किलो का भव्य निर्वाण लाडू अर्पित किया गया। निर्वाण लाडू चढ़ाए जाने के दौरान मंदिर परिसर भक्ति और धार्मिक जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु भजनों पर झूमते नजर आए।

अभिषेक और शांतिधारा से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान के अभिषेक के साथ हुआ। प्रथम अभिषेक पारस जैन एवं अरुणा जैन ने किया। मुख्य कलश का पूजन सुबोध जैन, हर्ष कुमार जैन, नितिन जैन और दीपक जैन ने किया।

प्रथम शांतिधारा अनुग्रह जैन एवं सम्यक जैन ने की। द्वितीय शांतिधारा नितिन जैन, सार्थक जैन एवं नित्यांश जैन परिवार ने तथा तृतीय शांतिधारा हर्ष कुमार जैन, जोन जैन, निशा जैन एवं रूपाली जैन ने की।

उत्तम शौच धर्म का बताया महत्व

दशलक्षण पर्व के चौथे दिन उत्तम शौच धर्म की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। दोपहर में विद्वान विकास जैन एवं तरुण भैया ने उत्तम शौच धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शौच का अर्थ पवित्रता और उज्ज्वलता से है। धार्मिक दृष्टि से मन, वचन और कर्म की शुद्धता को विशेष महत्व दिया गया है।

108 दीपकों से हुई भव्य आरती

शाम को श्रद्धालुओं ने प्रतिक्रमण किया। इसके बाद रात्रि में 108 दीपकों से भगवान की भव्य आरती की गई। मंदिर परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भगवान का स्मरण किया।

आरती के बाद पुष्पदंत नाथ भगवान के जीवन एवं धार्मिक प्रसंगों पर आधारित केबीसी प्रश्नमंच का आयोजन किया गया। इसमें श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया और भगवान के जीवन से जुड़े प्रश्नों के उत्तर दिए।

कार्यक्रम में श्रवण कुमार जैन, अनुग्रह जैन, अशोक जैन, बासु जैन, अंशुल जैन, पारस जैन, परमिल जैन, मयंक जैन, लालजी जैन, आशुतोष जैन, त्रिलोक चंद जैन, अंकित जैन, अक्षत जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु मौजूद रहे।