आठ सूत्रीय मांगों के समाधान को लेकर एसडीएम के माध्यम से मुख्य सचिव को भेजा ज्ञापन, स्थानांतरण-पदोन्नति से लेकर भत्ते और 2800 ग्रेड पे की मांग
एटा। लंबित मांगों के समाधान को लेकर शनिवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने तहसील समाधान दिवस के दौरान आवाज बुलंद की। लेखपाल संघ की ओर से उपजिलाधिकारी अलीगंज डॉ. शशि शेखर के माध्यम से मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ को आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भेजा गया। लेखपालों ने बढ़ते कार्यभार, संसाधनों की कमी, पदोन्नति में देरी, वेतन विसंगति और विभिन्न कार्यालयों में संबद्ध किए जाने समेत कई समस्याओं का तत्काल समाधान किए जाने की मांग की।
संघ ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 22 सितंबर 2026 से प्रदेशभर के लेखपाल अतिरिक्त हल्के का कार्य छोड़ देंगे। लेखपाल अपने मूल हल्के में कार्य करेंगे, जबकि अतिरिक्त हल्के का बस्ता संबंधित तहसील या राजस्व निरीक्षक कार्यालय में जमा करेंगे।
स्थानांतरण प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की मांग
लेखपाल संघ ने अंतरमंडलीय स्थानांतरण की मांग प्रमुखता से उठाई। संघ का कहना है कि वर्ष 2019 में करीब 650 लेखपालों का गृह मंडल में स्थानांतरण किया गया था। इसके बाद 16 मई 2025 को राजस्व परिषद का पोर्टल खोलकर 2669 लेखपालों से आवेदन लिए गए, लेकिन अभी तक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
संघ के अनुसार करीब 2700 लेखपाल अपने गृह जनपद या गृह मंडल से 400 से 800 किलोमीटर दूर कार्यरत हैं। ऐसे में ऑनलाइन पोर्टल दोबारा खोलकर इच्छुक लेखपालों को गृह मंडल में स्थानांतरण का अवसर दिया जाना चाहिए।
पदोन्नति सूची जारी करने की मांग
संघ ने चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची तत्काल जारी करने की मांग की। पदाधिकारियों के अनुसार विभागीय पदोन्नति समिति की कार्यवाही 29 अप्रैल 2026 को पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी तक सूची जारी नहीं की गई है।
इसके साथ ही चयन वर्ष 2024 के नवनियुक्त लेखपालों की 13 सितंबर 2025 को हुई प्रशिक्षण परीक्षा का परिणाम एवं प्रमाणपत्र जारी कराने की मांग भी की गई। संघ के अनुसार कई जनपदों को अभी तक परीक्षा परिणाम प्राप्त नहीं हुआ है।
स्टेशनरी और वाहन भत्ता बढ़ाने की मांग
लेखपालों ने विभिन्न भत्तों में बढ़ोतरी की मांग भी रखी। ज्ञापन में स्टेशनरी भत्ता 100 से बढ़ाकर 500 रुपये, मोटरसाइकिल/वाहन भत्ता 1500 रुपये तथा विशेष भत्ता 100 से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई।
संघ का कहना है कि क्षेत्रीय कार्यों के दौरान होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मौजूदा भत्ते पर्याप्त नहीं हैं।
संबद्ध लेखपालों को मूल कार्य पर भेजने की मांग
लेखपाल संघ ने भूलेख कार्यालयों और अन्य पटलों पर संबद्ध किए गए लेखपालों को तत्काल अवमुक्त करने की मांग की। संघ का कहना है कि लेखपालों के मूल राजस्व कार्य पहले से ही काफी अधिक हैं और अन्य कार्यालयों में संबद्ध किए जाने से राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
वहीं ग्राम सचिवालयों में लेखपालों का रोस्टर लगाए जाने का भी विरोध किया गया। संघ ने कहा कि कई ग्राम सचिवालयों में पर्याप्त आधारभूत सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का अभाव है।
ज्ञापन में 20 अगस्त को तहसील सोहावल, अयोध्या में पंचायत भवन पर सरकारी कार्य कर रहे लेखपाल उत्कर्षदीप के संबंध में हुई एंटी करप्शन टीम की ट्रैप कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया। संघ ने इसे सुरक्षा से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं के चलते लेखपालों में भय का माहौल है। इसी के चलते पंचायत सचिवालय रोस्टर के बहिष्कार का निर्णय लिया गया है।
2800 ग्रेड पे और तकनीकी पद घोषित करने की मांग
लेखपाल संघ ने लेवल-5 एवं 2800 ग्रेड पे के प्रारंभिक वेतनमान, वेतन विसंगति दूर करने तथा लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने की मांग भी की। इसके अलावा तकनीकी कार्यों के लिए लेखपालों को लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।
संघ ने कहा कि वर्तमान समय में लेखपालों से राजस्व कार्यों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं, ई-गवर्नेंस, आपदा प्रबंधन, वरासत, नामांतरण, पैमाइश, राजस्व अभिलेखों के अद्यतन और कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्य भी कराए जा रहे हैं। ऐसे में कार्य के अनुरूप संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।
22 सितंबर से अतिरिक्त हल्के के कार्य का बहिष्कार
लेखपाल संघ ने कहा कि उसका उद्देश्य जनहित से जुड़े कार्यों को प्रभावित करना नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित मांगों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित कर उनका समाधान कराना है। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो 22 सितंबर से अतिरिक्त हल्के का बहिष्कार किया जाएगा।
ज्ञापन के माध्यम से संघ ने शासन से लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेते हुए लेखपालों की समस्याओं का समाधान कराने की मांग की।
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