एटा। जैथरा थाना क्षेत्र में जमीन विवाद के चलते अपने ही परिजनों को झूठे अपहरण के मुकदमे में फंसाने की साजिश रचने का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में शिकायत झूठी पाए जाने पर एक महिला और उसके दो बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार सहादत नगर निवासी रेखा देवी पत्नी राजेश्वर ने 30 जुलाई को थाना जैथरा में शिकायत देकर अपने बेटे प्रियांशु के अपहरण का आरोप लगाया था। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ की।

जांच के दौरान सामने आया कि शिकायतकर्ता और जिन लोगों पर आरोप लगाए गए थे, वे आपस में सगे संबंधी हैं तथा उनके बीच लंबे समय से जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। पुलिस ने प्रियांशु, उसके पिता राजेश्वर कुमार और भाई सुरजीत से अलग-अलग पूछताछ की।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि 13 जुलाई को अज्ञात लोगों के खिलाफ एक प्रार्थना पत्र दिया गया था, जिसमें 12 जुलाई को गांव से शहर जाते समय मारपीट की घटना का उल्लेख किया गया था। इसके बाद 27 जुलाई को उसी घटना के आधार पर अपने चाचा विरामवीर को फंसाने की साजिश रची गई।

पुलिस जांच में प्रियांशु ने स्वीकार किया कि उसने स्वयं अपने हाथ-पैर बांधे थे और उसके साथ न तो कोई अपहरण हुआ था और न ही मारपीट की कोई घटना हुई थी। जांच में स्पष्ट हुआ कि जमीन विवाद के कारण रेखा देवी तथा उसके दोनों बेटों प्रियांशु और सुरजीत ने अपने ही परिजनों को झूठे मुकदमे में फंसाने के उद्देश्य से पूरी कहानी गढ़ी थी।

थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि जांच में अपहरण की घटना पूरी तरह झूठी पाई गई है। महिला और उसके दोनों बेटों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।