विधायक सत्यपाल सिंह राठौर ने 28 लाख की लागत से बने कमरों का किया लोकार्पण, बोले- पहरा-रुदायान मार्ग का नाम अमर शहीद के नाम पर कराने के लिए मुख्यमंत्री से करेंगे मांग

एटा। अमर शहीद क्रांतिकारी महावीर सिंह राठौर की जन्मजयंती के अवसर पर मंगलवार को कस्बा राजा का रामपुर स्थित अमर शहीद महावीर सिंह बालिका विद्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे अलीगंज विधायक सत्यपाल सिंह राठौर एवं पूर्व चेयरमैन महावीर सिंह राठौर ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद विधायक ने अमर शहीद महावीर सिंह राठौर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके जीवन, संघर्ष एवं बलिदान को याद किया।

इस दौरान विधायक निधि से करीब 28 लाख रुपये की लागत से विद्यालय में निर्मित कमरों का फीता काटकर लोकार्पण भी किया गया। विद्यालय प्रबंधन की ओर से अतिथियों का पटका एवं माला पहनाकर स्वागत किया गया। विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत, मंगल गीत तथा अमर शहीद महावीर सिंह राठौर की वीरगाथा पर आधारित गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में देशभक्ति का माहौल बना दिया।

काला पानी की सजा और जेल की यातनाओं को नहीं भूले

विद्यालय प्रबंधक बलवीर सिंह राठौर ने अमर शहीद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महावीर सिंह राठौर का जन्म 16 सितंबर 1904 को हुआ था। अंग्रेजी शासन के खिलाफ क्रांतिकारी गतिविधियों में सक्रिय रहने के कारण उन्हें काला पानी की सजा दी गई और पोर्ट ब्लेयर की सेलुलर जेल भेजा गया। वहां उन्हें अंग्रेजी हुकूमत की भीषण यातनाओं का सामना करना पड़ा।

उन्होंने बताया कि जेल में राजनीतिक बंदियों के साथ किए जा रहे अमानवीय व्यवहार और अत्याचारों के विरोध में महावीर सिंह राठौर ने अन्य क्रांतिकारियों के साथ भूख हड़ताल की। इसी अनशन के दौरान अंग्रेज अधिकारियों ने जबरन नली के माध्यम से दूध पिलाने का प्रयास किया। दूध फेफड़ों में चले जाने के कारण उनकी हालत बिगड़ गई और 1933 में उन्होंने अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के साथ किया संघर्ष

विधायक सत्यपाल सिंह राठौर ने कहा कि जनपद एटा के लिए यह गौरव की बात है कि अमर शहीद एवं महान क्रांतिकारी महावीर सिंह राठौर का जन्म इसी धरती पर हुआ। उन्होंने भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु जैसे महान क्रांतिकारियों के साथ मिलकर देश को अंग्रेजी हुकूमत से आजाद कराने के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत उनकी क्रांतिकारी गतिविधियों से घबरा गई थी। इसी कारण उन्हें काला पानी की सजा देकर पोर्ट ब्लेयर स्थित सेलुलर जेल भेजा गया। जेल में क्रांतिकारियों के साथ किए जा रहे अमानवीय व्यवहार के विरोध में उन्होंने अन्य बंदियों के साथ भूख हड़ताल शुरू की। अनशन समाप्त कराने के लिए अंग्रेज अधिकारियों ने जबरन दूध पिलाने का प्रयास किया, लेकिन दूध फेफड़ों में चले जाने से उनकी मृत्यु हो गई।

विधायक ने कहा कि महावीर सिंह राठौर का बलिदान आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। देश की आजादी लाखों वीर सपूतों के त्याग और बलिदान का परिणाम है। नई पीढ़ी को शहीदों के संघर्ष और उनके आदर्शों को समझना चाहिए तथा राष्ट्रसेवा के लिए आगे आना चाहिए।

स्टेडियम के बाद सड़क भी होगी शहीद के नाम

विधायक ने कहा कि अलीगंज स्थित स्टेडियम का नाम अमर शहीद महावीर सिंह राठौर के नाम पर कराया गया है। उन्होंने कहा कि अब पहरा-रुदायान मार्ग का नाम भी अमर शहीद महावीर सिंह राठौर के नाम पर कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर मांग रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे महान क्रांतिकारी के नाम पर मार्ग का नाम होना क्षेत्र के लिए गौरव की बात होगी और इससे आने वाली पीढ़ियों को उनके त्याग एवं बलिदान की प्रेरणा मिलती रहेगी।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। अतिथियों एवं विद्यालय स्टाफ ने अमर शहीद महावीर सिंह राठौर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

इस मौके पर भाजपा नेता अर्जुन सिंह राठौर, रनवीर सिंह राठौर, राजेंद्र सिंह राठौर, वीरेंद्र प्रताप सिंह, बहोरन सिंह, सुधीर सिंह, अखिलेश सिंह, सोमेंद्र सिंह राठौर, राजू वर्मा, श्याम पाल सिंह, नंदकिशोर दीक्षित, अभय प्रताप सिंह, इमरान खान, थाना प्रभारी रोहित राठी, उपनिरीक्षक सुरेंद्र कुमार गौतम सहित विद्यालय का स्टाफ एवं छात्राएं मौजूद रहीं।