अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में हुआ प्रसव, ईएमटी की सूझबूझ से जच्चा-बच्चा सुरक्षित; पति बोला- हमारे लिए वरदान साबित हुआ रक्षाबंधन

एटा। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर काकोड़ा गांव निवासी चंद्रशेखर के परिवार में उस समय खुशियां दोगुनी हो गईं, जब उनकी पत्नी राजवती (28) ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में 108 एंबुलेंस के अंदर एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर एंबुलेंस को रास्ते में रोककर ईएमटी ने कॉल सेंटर के डॉक्टर से फोन पर सलाह ली और सूझबूझ से सुरक्षित प्रसव कराया। जच्चा और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।

शुक्रवार सुबह राजवती को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। पति चंद्रशेखर ने सुबह 7:23 बजे 108 एंबुलेंस सेवा पर कॉल कर मदद मांगी। सूचना मिलते ही अलीगंज की एंबुलेंस (UP 32 FG 2419) के ईएमटी विमल प्रकाश और पायलट अंकित कुमार तत्काल काकोड़ा गांव के लिए रवाना हुए। दोनों समय से गांव पहुंचे और गर्भवती महिला को एंबुलेंस में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज के लिए चल दिए।

गांव से निकलने के बाद अंगरइया के आगे रास्ते में राजवती की प्रसव पीड़ा अचानक तेज हो गई। स्थिति गंभीर होने पर एंबुलेंस कर्मियों ने वाहन को सड़क किनारे रुकवाया। ईएमटी विमल प्रकाश ने तत्काल कॉल सेंटर पर तैनात डॉक्टर राकेश से फोन पर सलाह ली। इसके बाद आवश्यक सावधानी बरतते हुए एंबुलेंस के अंदर ही महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। सुबह करीब 8:13 बजे राजवती ने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। एंबुलेंस के अंदर नवजात की किलकारी गूंजी तो परिजनों के चेहरे पर खुशी छा गई।

ईएमटी विमल प्रकाश ने बताया कि कॉलर से सूचना मिलते ही उन्होंने पायलट अंकित कुमार को तत्काल एंबुलेंस लेकर काकोड़ा पहुंचने के लिए निर्देशित किया। समय से गांव पहुंचकर महिला को एंबुलेंस में लिया गया। रास्ते में प्रसव पीड़ा तेज होने पर एंबुलेंस को रोककर कॉल सेंटर के डॉक्टर राकेश से सलाह ली गई। इसके बाद सूझबूझ के साथ एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया।

प्रसव के बाद एंबुलेंस कर्मी जच्चा और नवजात को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज लेकर पहुंचे। वहां मौजूद महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने दोनों की जांच-पड़ताल की और अस्पताल में भर्ती किया। जांच के बाद चिकित्सकों ने जच्चा और बच्चा दोनों को स्वस्थ बताया।

राजवती के पति चंद्रशेखर ने बताया कि एंबुलेंस स्टाफ की तत्परता के कारण उनकी पत्नी को समय पर मदद मिल सकी और एंबुलेंस के अंदर ही बेटी का जन्म हुआ। उन्होंने बताया कि उनके पहले से दो बेटियां हैं। रक्षाबंधन के दिन तीसरी बेटी के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल है। चंद्रशेखर ने कहा कि इस बार का रक्षाबंधन उनके परिवार के लिए बेहद खास है और बेटी का जन्म उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

परिजनों ने एंबुलेंस कर्मियों की तत्परता और सूझबूझ की सराहना करते हुए ईएमटी विमल प्रकाश और पायलट अंकित कुमार का आभार जताया।