16 जून को वायरल वीडियो के मामले में परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, बस स्वामी का जवाब असंतोषजनक मानते हुए संचालन अनुमति रद्द

एटा। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत संचालित बस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फोटो के साथ अभद्र व्यवहार करने का मामला अब बस संचालक पर भारी पड़ गया है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने वायरल वीडियो की जांच और बस स्वामी से स्पष्टीकरण लेने के बाद संबंधित बस का संचालन परमिट निरस्त कर दिया है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम, एटा द्वारा इस संबंध में कार्यालय आदेश जारी किया गया है।

कार्यालय आदेश के अनुसार, 16 जून 2026 को सोशल मीडिया के व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हुआ था। यह वीडियो मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 के तहत संचालित बस संख्या UP82 AT 7739 का बताया गया। उक्त बस जनपद एटा के अलीगंज ब्लॉक के अमरौली-रतनपुर-अलीगंज-एटा मार्ग पर संचालित हो रही थी।

वीडियो में दिखाई दी आपत्तिजनक हरकत

वायरल वीडियो में देखा गया कि बस एक होटल के पास खड़ी है। कुछ देर बाद एक व्यक्ति बस के स्टाफ की ओर से बस के अंदर चढ़ता है और अपनी चप्पल/जूते उतारकर बस के गेट पर चालक की खिड़की के पास लगे स्टिकर, जिस पर मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन बस सेवा का स्लोगन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोटो अंकित था, उसी पर पैर रखकर बस के अंदर प्रवेश करता है। वीडियो में वह मुख्यमंत्री के फोटो पर पैर रखते हुए बस में बैठता दिखाई देता है।

परिवहन विभाग ने इस पूरे कृत्य को मुख्यमंत्री के फोटो का अपमान, सरकारी योजना की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला तथा अत्यंत आपत्तिजनक और अशोभनीय माना।

पहले मांगा गया स्पष्टीकरण

मामले का संज्ञान लेते हुए सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय ने 18 जून 2026 को बस स्वामी चंद्र शेखर पुत्र राजेश बाबू, निवासी ग्राम कैल्ठा, पोस्ट अलीगंज, जनपद एटा से लिखित स्पष्टीकरण मांगा था।

बस स्वामी ने अपने जवाब में कहा कि घटना के समय बस चालक उमेश कुमार तथा परिचालक श्री विकास कुमार ड्यूटी पर थे। वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्तियों की पहचान उन्हें नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ दबंग एवं अज्ञात व्यक्तियों ने चालक के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए बस चलाने का दबाव बनाया था। बस कर्मचारियों का उन लोगों पर कोई नियंत्रण नहीं था और वीडियो में दिखी परिस्थितियां अचानक उत्पन्न हुई थीं।

विभाग ने नहीं माना जवाब

परिवहन विभाग ने बस स्वामी के स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना। आदेश में कहा गया कि वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से मुख्यमंत्री के फोटो एवं मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के स्लोगन के साथ अभद्र व्यवहार किया गया है। इससे न केवल मुख्यमंत्री के फोटो का अपमान हुआ, बल्कि प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना की गरिमा को भी ठेस पहुंची है।

विभाग ने यह भी कहा कि बस स्वामी द्वारा दिया गया जवाब मनगढ़ंत, सारहीन एवं निराधार है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

संचालन अनुमति हुई निरस्त

इन सभी तथ्यों को आधार बनाते हुए सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम, एटा ने 13 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के अंतर्गत उक्त बस को दी गई संचालन अनुमति को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए। इसके साथ ही बस संख्या UP82 AT 7739 का मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत अलीगंज ब्लॉक के अमरौली-रतनपुर-अलीगंज-एटा मार्ग पर संचालन समाप्त कर दिया गया है।

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजना की गरिमा बनाए रखना सभी बस संचालकों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। भविष्य में यदि इस प्रकार की कोई भी घटना सामने आती है तो संबंधित के विरुद्ध इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई की जाएगी।