
चतुर्थ जनकपुरी महा महोत्सव में पत्रकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह आयोजित, एआई पत्रकारिता के अवसरों और चुनौतियों पर भी हुई चर्चा
पत्रकारिता संघर्षों का दस्तावेज, मेरी सफलता में पत्रकारों का योगदान : मानवेंद्र सिंह चौहान
एटा। लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकारिता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। पत्रकार समाज की समस्याओं, आमजन की परेशानियों और जनहित के मुद्दों को सामने लाकर जनता की आवाज सरकार तक पहुंचाने का काम करते हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों का निर्वहन करने वाले पत्रकार समाज और लोकतंत्र के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यह विचार सोमवार को चतुर्थ जनकपुरी महा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित पत्रकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में वक्ताओं ने व्यक्त किए।
सारथी बौद्ध सेवा संघ के तत्वावधान में सराय अगहत स्थित श्री श्री 1008 सार्वजनिक हजारी बाबा शिव मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारिता के सामाजिक दायित्व, पत्रकारों के संघर्ष और बदलते तकनीकी दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने पत्रकारों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
विषम परिस्थितियों में भी निभाते हैं जिम्मेदारी
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय सदस्यता अभियान के प्रदेश सहसंयोजक दिनेश गुप्ता ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। पत्रकारों के माध्यम से ही समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याएं और जनहित से जुड़े मुद्दे सरकार तक पहुंचते हैं। शासन-प्रशासन तक आमजन की आवाज पहुंचाने में पत्रकारों की भूमिका अहम है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों के सामने अपने दायित्वों के निर्वहन को लेकर कई तरह की चुनौतियां रहती हैं। कड़ाके की सर्दी, भीषण गर्मी, बरसात, बाढ़, भूकंप और युद्ध जैसी विषम परिस्थितियों में भी पत्रकार घटनास्थल पर पहुंचकर समाचार संकलित करते हैं और लोगों तक जरूरी सूचनाएं पहुंचाते हैं। कई बार जोखिम के बीच काम करते हुए उन्हें अपनी सुरक्षा की भी चिंता नहीं रहती। इसके बावजूद वे अपने कर्तव्य को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारों के इसी साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को नमन करते हुए उन्होंने पत्रकार साथियों के योगदान की सराहना की।
एआई पत्रकारिता अवसर या खतरा, विषय पर मंथन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हिंदुस्तान अखबार के ब्यूरो चीफ शैलेंद्र उपाध्याय ने ‘एआई पत्रकारिता : अवसर या खतरा’ विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने बदलते तकनीकी परिवेश में पत्रकारिता के सामने उभर रहे अवसरों और चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने एआई के बढ़ते प्रभाव और पत्रकारिता के क्षेत्र में इसकी उपयोगिता को समझने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में इस बात पर भी विचार-विमर्श हुआ कि आधुनिक तकनीक के दौर में पत्रकारिता किस तरह नए बदलावों से गुजर रही है। तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच पत्रकारिता की विश्वसनीयता, जिम्मेदारी और सामाजिक सरोकारों को बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। वक्ताओं ने बदलते समय के अनुरूप तकनीकी जानकारी और पत्रकारिता के मूल्यों के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
‘पत्रकारिता संघर्षों का दस्तावेज, मेरी सफलता में पत्रकारों का योगदान’
अति विशिष्ट अतिथि मानवेंद्र सिंह चौहान (मन्नू) ने पत्रकारिता को संघर्षों का दस्तावेज बताया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “मैं आज जिस मुकाम तक पहुंचा हूं, वह सब पत्रकारों की देन है।” उन्होंने पत्रकारों के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज में घटित होने वाली घटनाओं को लोगों तक पहुंचाने के साथ ही जनसमस्याओं को सार्वजनिक मंच प्रदान करते हैं। पत्रकारों की लेखनी और उनके प्रयासों से समाज के विभिन्न मुद्दों को पहचान मिलती है। ऐसे में पत्रकारों के योगदान को सम्मान देना समाज की जिम्मेदारी है।
पत्रकारों के योगदान को किया नमन
सम्मेलन के दौरान पत्रकारिता के सामाजिक दायित्वों, लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया की भूमिका और तकनीकी बदलावों के बीच पत्रकारों के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों के प्रकाशन या प्रसारण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की समस्याओं को सामने लाने और आमजन को जागरूक करने का माध्यम भी है।
चतुर्थ जनकपुरी महा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य पत्रकारों के योगदान को सम्मान देना और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना रहा। कार्यक्रम में सारथी बौद्ध सेवा संघ के पदाधिकारी, पत्रकार, समाजसेवी और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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