
डेंगू से दो लोगों की मौत के बाद गांव पहुंचकर अधिकारियों ने परखी व्यवस्थाएं, 688 घरों में टोटियां लगाने का लक्ष्य; अब तक 15 घरों में पहुंचा पेयजल कनेक्शन
एटा। विकास खण्ड अलीगंज क्षेत्र के हत्सारी गांव में बुखार के प्रकोप और डेंगू से दो लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने बीमारी की रोकथाम और ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास तेज कर दिए हैं। गुरुवार को उप जिलाधिकारी अलीगंज डॉ. शशि शेखर और खंड विकास अधिकारी शिव शंकर शर्मा ने संयुक्त रूप से गांव का निरीक्षण कर स्वास्थ्य, साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने बीमार लोगों के घर पहुंचकर उनका हालचाल जाना और स्वास्थ्य विभाग को प्रत्येक मरीज की समुचित जांच कर समय से उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बीमार लोगों का जाना हाल, स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने गांव की गलियों में साफ-सफाई की स्थिति देखी और ग्रामीणों से बीमारी के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम से मरीजों की जांच और उपचार की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। एसडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी मरीज के इलाज में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक मरीज का पूर्ण परीक्षण कर उसकी स्थिति के अनुसार समय से उपचार सुनिश्चित किया जाए।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि हालिया डेंगू जांच में जांचे गए सभी लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसके अलावा 11 लोगों की जांच किए जाने की जानकारी भी दी गई। प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि गांव में बुखार से पीड़ित लोगों पर लगातार नजर रखी जाए और आवश्यकता के अनुसार जांच व उपचार की व्यवस्था की जाए।
सात बार कराई जा चुकी है फॉगिंग
गांव में मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए कराए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि हत्सारी गांव में अब तक सात बार फॉगिंग कराई जा चुकी है। इसके बावजूद बीमारी की स्थिति को देखते हुए प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।
एसडीएम ने सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर संबंधित कर्मचारियों के कार्यों का पर्यवेक्षण किया। ग्रामीणों से नियमित साफ-सफाई के संबंध में जानकारी लेते हुए अधिकारियों ने निर्देश दिए कि गांव की गलियों और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखी जाए। जलभराव और गंदगी जैसी स्थितियों पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि मच्छरों के पनपने की आशंका कम हो और बीमारी के प्रसार को रोका जा सके।

688 घरों में टोटियां लगाने का लक्ष्य
निरीक्षण के दौरान पेयजल व्यवस्था को लेकर जल निगम की ओर से कराए जा रहे कार्यों की भी जानकारी ली गई। गांव में घरों तक पेयजल सुविधा पहुंचाने के लिए कुल 688 घरों में टोटियां लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक 15 घरों में टोटियां लगाई जा चुकी हैं, जबकि शेष घरों में काम जारी है।
संबंधित अधिकारियों ने बताया कि अगले तीन से चार दिनों में सभी निर्धारित घरों में टोटियां लगाने का कार्य पूरा करने की योजना है। प्रशासन ने कार्य में तेजी लाने और तय समयसीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर भी जोर दिया।
बीमारी की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी
एसडीएम डॉ. शशि शेखर ने कहा कि गांव में स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागों को सक्रिय रहना होगा। बीमार लोगों की जांच और उपचार के साथ-साथ बीमारी की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। प्रशासन की प्राथमिकता ग्रामीणों को समय से स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और गांव में स्वच्छ वातावरण बनाए रखना है।
निरीक्षण के दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ. सर्वेश कुमार, एमओआईसी, बीडीओ शिव शंकर शर्मा, एडीओ पंचायत राकेश कुमार, ग्राम प्रधान सहित संबंधित विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।
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