एटा। विकासखंड अलीगंज सभागार में बुधवार को राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत स्वयं संसाधनों से आय विषय पर विकासखंड के सभी पंचायत सचिवों एवं पंचायत सहायकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, स्वयं की आय बढ़ाना तथा पंचायतों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने के लिए कर्मचारियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ खण्ड विकास अधिकारी शिव शंकर शर्मा, एडीओ पंचायत राकेश कुमार तथा वरिष्ठ फैकल्टी नाहर सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रशिक्षण में पंचायतों की स्वयं की आय, ओएसआर पोर्टल, राजस्व सृजन, सेवा वितरण तथा पंचायतों की वित्तीय व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

वरिष्ठ फैकल्टी नाहर सिंह ने बताया कि 16वें वित्त आयोग के तहत ग्राम पंचायतों को 40 प्रतिशत बेसिक टाइड ग्रांट, 40 प्रतिशत बेसिक अनटाइड ग्रांट तथा 20 प्रतिशत परफॉर्मेंस ग्रांट प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि परफॉर्मेंस ग्रांट प्राप्त करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत को प्रति परिवार प्रतिवर्ष कम से कम 1200 रुपये की स्वयं की आय अर्जित करनी होगी, साथ ही इस आय में प्रत्येक वर्ष 2.5 प्रतिशत की वृद्धि भी सुनिश्चित करनी होगी।

प्रशिक्षक रोशन सिंह वर्मा ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243-जी के अंतर्गत 11वीं अनुसूची में वर्णित 29 विषयों से संबंधित केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अनुच्छेद 243-एच के तहत ग्राम पंचायतों को कर, शुल्क एवं फीस लगाने और उनकी वसूली करने का अधिकार प्राप्त है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 की धारा 15ए एवं 37 में ग्राम पंचायतों द्वारा योजना निर्माण और कर वसूली संबंधी प्रावधानों की भी विस्तार से जानकारी दी गई।

प्रशिक्षक राकेश बाबू ने उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की धारा 37ए से 37के तक के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने पंचायतों की आय बढ़ाने के संभावित स्रोतों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बाजार, मेला और उत्सवों के आयोजन पर शुल्क, आरओ वाटर प्लांट का संचालन, ग्राम समाज की भूमि पर अस्थायी निर्माण की अनुमति, उत्सव भवनों को किराये पर देना, हाट-बाजार की नीलामी तथा तालाबों को ठेके पर देकर भी पंचायतें अपनी आय बढ़ा सकती हैं।

प्रशिक्षकों ने नियम-220 के अंतर्गत कर निर्धारण एवं वसूली की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई। साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के संबंध में भी जानकारी देते हुए पंचायतों की जिम्मेदारियों और आय के नए अवसरों पर चर्चा की गई।

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने पंचायत सचिवों और सहायकों से शासन की मंशा के अनुरूप ग्राम पंचायतों की स्वयं की आय बढ़ाने, वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने तथा विकास कार्यों के लिए स्थानीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में एडीओ कृषि जितेंद्र श्रीवास्तव विकासखंड के सभी पंचायत सचिव एवं पंचायत सहायक उपस्थित रहे।